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सेवामिडिल ईस्ट संकट पर रूस की दो टूक, ईरान अमेरिका की मांग क्यों माने ?
ईरान को परमाणु सुविधाओं को नष्ट करने के संबंध में अमेरिका की मांग को क्यों स्वीकार करनी चाहिए? इसके बाद उन्होंने कहा कि यह विषय “एनपीटी” के खिलाफ है।
ताजा खबर
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सेवाईरान के खिलाफ दुश्मन अपने लक्ष्यों को हासिल करने में विफल रहा
युद्ध के चालीसवें दिन तक ईरान ने अपनी सैन्य क्षमता सुरक्षित रखी, युद्ध को कुशलता से संचालित किया और रक्षात्मक व आक्रामक दोनों प्रकार की कार्रवाई जारी रखी, जिसके बाद दुश्मन को एहसास हुआ कि वह इस प्रतिरोध को तोड़ नहीं सकता और अंततः उसे युद्धविराम के लिए सहमत होना पड़ा।
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सेवाअमेरिका ने ईरान के खिलाफ युद्ध में 77 अरब डॉलर से अधिक गँवाएं
“ईरान युद्ध ट्रैकर” वेबसाइट के आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका के इस सैन्य युद्ध की लागत 71वें दिन तक 77 अरब डॉलर से अधिक हो चुकी है।
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सेवामिडिल ईस्ट संकट पर रूस की दो टूक, ईरान अमेरिका की मांग क्यों माने ?
ईरान को परमाणु सुविधाओं को नष्ट करने के संबंध में अमेरिका की मांग को क्यों स्वीकार करनी चाहिए? इसके बाद उन्होंने कहा कि यह विषय “एनपीटी” के खिलाफ है।
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सेवादुश्मन के खिलाफ कार्रवाई के लिए सुप्रीम लीडर के आदेश का इंतज़ार
वायु सेना की मिसाइलें और ड्रोन दुश्मन पर लॉक हैं और हम फायरिंग के आदेश का इंतज़ार कर रहे हैं।
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सेवानजफ़ के रेगिस्तान में ज़ायोनी सैन्य मौजूदगी अमेरिका की साजिश
“इराक अमेरिका के धोखे का शिकार हुआ। इसे ज़ायोनी बलों की खुफिया श्रेष्ठता या सैन्य प्रगति नहीं कहा जा सकता, बल्कि यह अमेरिका की चाल है जिसके तहत इस्राईल को इराक में प्रवेश मिला। यह छत्रछाया अंतरराष्ट्रीय गठबंधन के नाम पर मौजूद अमेरिकी बल प्रदान करते हैं।”
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सेवाहिज़्बुल्लाह के खिलाफ युद्ध में इस्राईल को कोई निर्णायक सफलता नहीं मिली: ज़ायोनी मीडिया
जैसे-जैसे युद्धविराम लंबा खिंचता जा रहा है, वैसे-वैसे डोनाल्ड ट्रंप की युद्ध में दोबारा शामिल होने की इच्छा कम होती जा रही है, जिसे अमेरिका के भीतर राजनीतिक दबाव, आर्थिक चिंताओं और उनके प्रस्तावित चीन दौरे से भी जोड़ा जा रहा है।
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सेवाब्रिटेन को ईरान के खिलाफ युद्ध में घसीटने की अनुमति नहीं देंगे
यदि हमने दूसरों की सलाह मानी होती और ईरान के खिलाफ युद्ध में शामिल हो गए होते, तो हमें उनसे सामना करना पड़ता, और मैं लंदन को ईरान के साथ युद्ध में जाने की अनुमति नहीं दूँगा।
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सेवाअमेरिकी विमानों ने बेन गुरियन हवाई अड्डे को सैन्य अड्डे में बदला
इस्राईल के पास कोई पूरी तरह से चालू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा नहीं है। बेन गुरियन हवाई अड्डा अब सीमित नागरिक गतिविधियों वाले एक सैन्य हवाई अड्डे में बदल गया है। उन्होंने अमेरिका से अनुरोध किया कि वह अपने विमानों को हवाई अड्डे से हटाकर उन्हें वायु सेना के ठिकानों पर स्थानांतरित करे
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सेवाहुर्मुज़ में उतरी ईरान की खतरनाक डॉल्फ़िन्स ऑफ पर्शियन गल्फ
ये पनडुब्बियां समुद्र की गहराई में लंबे समय तक रहने की क्षमता रखती हैं और इस रणनीतिक जलमार्ग में दुश्मन जहाजों की निगरानी, पीछा करने और उन्हें नष्ट करने की क्षमता भी रखती हैं।
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सेवाखातमुल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के कमांडर की सुप्रीम लीडर से मुलाकात
मेजर जनरल अली अब्दुल्लाही ने कहा कि ईरानी सशस्त्र बलों के सभी अंग रक्षा, युद्ध रणनीति, सैन्य योजना और आवश्यक हथियारों व उपकरणों के मामले में पूरी तरह तैयार हैं।