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ईरान किसी भी दुस्साहस का जवाब देने को तैयार
‘हमारी आर्म्ड फोर्स किसी भी आक्रमण का सबक सिखाने वाला जवाब देने के लिए तैयार हैं। ग़लत रणनीति और गलत फैसलों का नतीजा हमेशा ग़लत ही होता है, यह बात दुनिया पहले ही समझ चुकी है। हम हर विकल्प के लिए तैयार हैं, वे हैरान रह जाएंगे।
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इस्राईल ने ईरान युद्ध के दौरान यूएई को दिए आयरन डोम
फ़िलिस्तीन में अमेरिका के राजदूत “माइक हक़ाबी” ने भी तल अवीव में आयोजित एक समारोह के दौरान कहा कि इस्राईल ने ईरान के हमलों से अमीरात की रक्षा के लिए आयरन डोम प्रणालियाँ और उन्हें संचालित करने वाले सैन्य बल यूएई भेजे थे।
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ईरान-अमेरिका वार्ता: परमाणु मुद्दा ठंडे बस्ते में, हुर्मुज़ मुख्य विषय बन गया
सबसे अहम सवाल यही है कि हुर्मुज़ जलडमरूमध्य को किस तरह खुला रखा जाए। ये वार्ताएं अत्यंत गोपनीय प्रकृति की हैं और उन्हें इसकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में मुख्य ध्यान हुर्मुज़ जलडमरूमध्य पर केंद्रित है।
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ईरान के अधिकारों को स्वीकार किए बिना कोई समाधान नहीं: क़ालिबाफ
“14 सूत्रीय प्रस्ताव में बताए गए ईरानी जनता के अधिकारों को स्वीकार करने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है।”
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क़तर युद्ध का समर्थक नहीं हैं, तुर्की की अपील इस्राईल के खिलाफ एकजुट हो दुनिया
हमारी जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना है कि युद्ध दोबारा शुरू न हो। हुर्मुज़ जलडमरूमध्य में जो कुछ हो रहा है, वह तनाव कम करने में मदद नहीं करता और ईरान को इस जलडमरूमध्य को हथियार के रूप में इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।”
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ट्रंप का ऐलान, हम क्यूबा के साथ बातचीत करने को तैयार
"क्यूबा एक असफल देश है और केवल एक ही दिशा में बढ़ रहा है, नीचे की ओर! क्यूबा ने मदद मांगी है और हम बातचीत करने जा रहे हैं। यह उस समय हो रहा है जब मैं चीन जा रहा हूँ!”
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ईरान के खिलाफ दुश्मन अपने लक्ष्यों को हासिल करने में विफल रहा
युद्ध के चालीसवें दिन तक ईरान ने अपनी सैन्य क्षमता सुरक्षित रखी, युद्ध को कुशलता से संचालित किया और रक्षात्मक व आक्रामक दोनों प्रकार की कार्रवाई जारी रखी, जिसके बाद दुश्मन को एहसास हुआ कि वह इस प्रतिरोध को तोड़ नहीं सकता और अंततः उसे युद्धविराम के लिए सहमत होना पड़ा।
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अमेरिका ने ईरान के खिलाफ युद्ध में 77 अरब डॉलर से अधिक गँवाएं
“ईरान युद्ध ट्रैकर” वेबसाइट के आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका के इस सैन्य युद्ध की लागत 71वें दिन तक 77 अरब डॉलर से अधिक हो चुकी है।
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मिडिल ईस्ट संकट पर रूस की दो टूक, ईरान अमेरिका की मांग क्यों माने ?
ईरान को परमाणु सुविधाओं को नष्ट करने के संबंध में अमेरिका की मांग को क्यों स्वीकार करनी चाहिए? इसके बाद उन्होंने कहा कि यह विषय “एनपीटी” के खिलाफ है।
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दुश्मन के खिलाफ कार्रवाई के लिए सुप्रीम लीडर के आदेश का इंतज़ार
वायु सेना की मिसाइलें और ड्रोन दुश्मन पर लॉक हैं और हम फायरिंग के आदेश का इंतज़ार कर रहे हैं।
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नजफ़ के रेगिस्तान में ज़ायोनी सैन्य मौजूदगी अमेरिका की साजिश
“इराक अमेरिका के धोखे का शिकार हुआ। इसे ज़ायोनी बलों की खुफिया श्रेष्ठता या सैन्य प्रगति नहीं कहा जा सकता, बल्कि यह अमेरिका की चाल है जिसके तहत इस्राईल को इराक में प्रवेश मिला। यह छत्रछाया अंतरराष्ट्रीय गठबंधन के नाम पर मौजूद अमेरिकी बल प्रदान करते हैं।”
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हिज़्बुल्लाह के खिलाफ युद्ध में इस्राईल को कोई निर्णायक सफलता नहीं मिली: ज़ायोनी मीडिया
जैसे-जैसे युद्धविराम लंबा खिंचता जा रहा है, वैसे-वैसे डोनाल्ड ट्रंप की युद्ध में दोबारा शामिल होने की इच्छा कम होती जा रही है, जिसे अमेरिका के भीतर राजनीतिक दबाव, आर्थिक चिंताओं और उनके प्रस्तावित चीन दौरे से भी जोड़ा जा रहा है।
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ब्रिटेन को ईरान के खिलाफ युद्ध में घसीटने की अनुमति नहीं देंगे
यदि हमने दूसरों की सलाह मानी होती और ईरान के खिलाफ युद्ध में शामिल हो गए होते, तो हमें उनसे सामना करना पड़ता, और मैं लंदन को ईरान के साथ युद्ध में जाने की अनुमति नहीं दूँगा।
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अमेरिकी विमानों ने बेन गुरियन हवाई अड्डे को सैन्य अड्डे में बदला
इस्राईल के पास कोई पूरी तरह से चालू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा नहीं है। बेन गुरियन हवाई अड्डा अब सीमित नागरिक गतिविधियों वाले एक सैन्य हवाई अड्डे में बदल गया है। उन्होंने अमेरिका से अनुरोध किया कि वह अपने विमानों को हवाई अड्डे से हटाकर उन्हें वायु सेना के ठिकानों पर स्थानांतरित करे
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हुर्मुज़ में उतरी ईरान की खतरनाक डॉल्फ़िन्स ऑफ पर्शियन गल्फ
ये पनडुब्बियां समुद्र की गहराई में लंबे समय तक रहने की क्षमता रखती हैं और इस रणनीतिक जलमार्ग में दुश्मन जहाजों की निगरानी, पीछा करने और उन्हें नष्ट करने की क्षमता भी रखती हैं।
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खातमुल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के कमांडर की सुप्रीम लीडर से मुलाकात
मेजर जनरल अली अब्दुल्लाही ने कहा कि ईरानी सशस्त्र बलों के सभी अंग रक्षा, युद्ध रणनीति, सैन्य योजना और आवश्यक हथियारों व उपकरणों के मामले में पूरी तरह तैयार हैं।
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ओमान के मुफ़्ती ए आज़म की अपील, अमेरिका और इस्राईल के खिलाफ गज़्ज़ा और ईरान का समर्थन करें मुसलमान
उन्होंने शहीदों के परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए कहा कि इस्लामी उम्मत एक ही उम्मत है, और उसे सत्य का साथ देने तथा असत्य का मुकाबला करने के लिए अपने आपसी एकत्व और एकजुटता का परिचय देना चाहिए।
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अमेरिकी मीडिया का दावा, इस्राईल ने ईरान के खिलाफ हमलों के लिए इराक में बनाया था अड्डा
वाल स्ट्रीट जर्नल ने आगे अपने सूत्रों के हवाले से लिखा कि युद्ध की शुरुआत में इस्राईल ने इराकी बलों पर हवाई हमले भी किए, क्योंकि उसे आशंका थी कि वे इस गुप्त अड्डे के बारे में जान सकते हैं।
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गज़्ज़ा में जायोनी सेना का जनसंहार जारी, शहीदों की संख्या 72 हजार के पार
गज़्ज़ा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, ज़ायोनी सेना के हमले शुरू होने के बाद से अब तक शहीदों की कुल संख्या 72,736 तक पहुंच गई है।
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यूएई में मिस्र की वायुसेना भेजे जाने पर विवाद गहराया
यूएई में मिस्र की वायुसेना की मौजूदगी सामने आने के बाद, इस बात पर बड़ी बहस शुरू हो गई है कि क्या यह कदम मिस्र के संविधान के अनुसार सही है या नहीं।
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इस्राईल के साथ सीधे बातचीत का रास्ता “खतरनाक और विनाशकारी”
लेबनान की जनता प्रतिरोध और आंतरिक एकता के बल पर इतनी मजबूत है कि वह विदेशी दबाव या हमलों के सामने आसानी से झुकेगी नहीं।
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लेबनान, इस्राईल की धमकियों के बीच ईसाई समुदाय का क्षेत्र छोड़ने से इनकार
ज़ायोनी सैनिकों ने हज़रत मरयम की प्रतिमा का अपमान करते हुए उसके मुंह में सिगरेट रख दी। इससे पहले 19 अप्रैल को एक ज़ायोनी सैनिक का हज़रत ईसा अलैहिस्सलाम की प्रतिमा तोड़ते हुए वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसकी वैश्विक स्तर पर निंदा की गई।
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नेतन्याहू अपनी सत्ता के लिए फिर युद्ध शुरू करेगा : एहुद बराक
मैं बहुत चिंतित हूँ। मुझे पूरी स्पष्टता के साथ ऐसा दिखाई देता है कि नेतन्याहू सत्ता में बने रहने के लिए हर संभव कदम उठाएगा। उसके लिए कुछ भी अकल्पनीय नहीं है; वह अपनी कुर्सी बचाने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है।”
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बहरैन में शिया उलमा और लोगों के खिलाफ दमन की लहर
आले खलीफा के सुरक्षा बलों ने बिना किसी स्पष्ट न्यायिक वारंट के शिया धर्मगुरुओं के घरों में घुसकर तलाशी ली, कई लोगों को गिरफ्तार किया और उनकी निजी संपत्तियों को जब्त कर लिया।
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ट्रंप का मुकाबला करना जरूरी, इस्राईल युद्ध मशीन
आज पश्चिम एशिया में सबसे खतरनाक पक्ष इस्राईल है। उनके अनुसार, इस्राईल ने अपने सभी पड़ोसी देशों पर हमला किया है और वही ऐसा पक्ष है जो युद्ध शुरू करता है।
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यूगांडा में शहीद “क़ायद-ए-उम्मत” के चालीसवें का प्रोग्राम
इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता और शिया समुदाय के बड़े धार्मिक नेता हज़रत आयतुल्लाह शहीद खामेनई की शहादत के अरबईन के मौके पर, यूगांडा में उनके चाहने वालों ने 50 से ज्यादा मस्जिदों और स्कूलों में कार्यक्रम आयोजित किए, जिनमें शिया, सुन्नी और ईसाई सभी शामिल थे।
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अमेरिकी युद्धपोतों में हुर्मुज के पास आने की भी हिम्मत नहीं: ईरानी मुख्य न्यायाधीश
ईरान के मुख्य न्यायाधीश मोहसिन एजेई ने कहा है कि अमेरिका की सभी योजनाएं विफल हो चुकी हैं और उसके युद्धपोत अब हुर्मुज जलडमरूमध्य के पास आने की भी हिम्मत नहीं करते।
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हिज़्बुल्लाह की एयर डिफेंस और ड्रोन ताकत से जायोनी हल्कों में चिंता
ज़ायोनी मीडिया ने चेतावनी दी है कि हिज़्बुल्लाह की एयर डिफेंस और ड्रोन क्षमता में काफी बढ़ोतरी हुई है, जिससे लेबनान के ऊपर ज़ायोनी विमानों की उड़ानों के लिए खतरा बढ़ गया है।
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ईरान और अमेरिका के बीच फिर शुरू हो सकती है बातचीत : अमेरिकी मीडिया
इस समझौते में ईरान से कहा गया है कि वह हुर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी में ढील दे। इसके बदले में अमेरिका भी बातचीत शुरू होने के 30 दिनों के भीतर ईरान के बंदरगाहों पर लगाया गया प्रतिबंध धीरे-धीरे हटाएगा।
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ज़ुल्म के खिलाफ संघर्ष हमारी इतिहास की रोशन पहचान : पेज़ेश्कियान
ईरानी जनता की पहचान में सहनशीलता के साथ-साथ अन्याय के खिलाफ प्रतिरोध भी शामिल है, और यही पहचान आगे भी ईरान का नाम ऊंचा बनाए रखेगी।