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नोएडा के बाद अब इलाहाबाद में भी सड़कों पर उतरे मजदूर
धरने पर बैठे मजदूरों ने साफ कर दिया है कि वे केवल मौखिक आश्वासन पर भरोसा नहीं करेंगे वे प्रबंधन से लिखित में गारंटी चाहते हैं कि उनकी मांगों पर अमल किया जाएगा।
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ईरान और अमेरिका के बीच वार्ता के लिए काम कर रहा है पाकिस्तान
ईरान का रुख साफ है—उसे घेरा नहीं जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका के कदम युद्धविराम का उल्लंघन हैं और सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह खामेनेई की शहादत अमेरिका के रिकॉर्ड पर एक काला धब्बा है।
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अल्लाह और रसूल की इताअत और वली ए फ़क़ीह की पैरवी
दुश्मनों ने सोचा था कि सर्वोच्च नेता के निधन के बाद सब कुछ समाप्त हो जाएगा, लेकिन अल्लाह ने एक योग्य उत्तराधिकारी दिया। दुश्मनों की उम्मीदें टूट गईं।
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हम युद्ध नहीं चाहते, लेकिन किसी भी धमकी के आगे नहीं झुकेंगे: पेज़ेश्कियान
ईरान युद्ध नहीं चाहता, लेकिन किसी भी तरह का दबाव या अपनी शर्तें थोपने की कोशिश नाकाम होगी।
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रूस का दो टूक ऐलान, यूरेनियम संवर्धन ईरान का मौलिक अधिकार
लावरोव ने पश्चिमी देशों, खासकर अमेरिका और उसके सहयोगियों पर निशाना साधते हुए कहा कि वे न केवल ईरान, बल्कि मध्य एशिया और दक्षिण कॉकस के देशों पर भी दबाव बना रहे हैं।
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उलमा दुश्मनों की साजिशों को नाकाम करने में प्रभावी भूमिका निभाएं
आयतुल्लाह अली रज़ा आराफी ने एक महत्वपूर्ण बयान में कहा है कि वर्तमान दौर एक अत्यंत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक युद्ध का दर्जा रखता है, जिसमें विद्वानों की प्रभावी और सक्रिय भूमिका अत्यंत आवश्यक है।
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फिलिस्तीन का समर्थन करने की वजह से ईरान को बनाया जा रहा है निशाना : अरब नेशनल कॉन्फ्रेंस
कॉन्फ्रेंस ने कहा कि ईरान पर हमले इसलिए हो रहे हैं क्योंकि वह लगातार फिलिस्तीन का समर्थन करता है और ज़ायोनी–अमेरिकी योजनाओं का विरोध करता है
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लेबनान जनसंहार
हिज़्बुल्लाह की दो टूक, प्रतिरोध जारी रहेगा
इस अधिकारी ने लेबनानी अधिकारियों से मांग की कि वे ऐसा राष्ट्रीय रुख अपनाएं जिससे देश की जमीन आज़ाद हो, कैदी वापस आएं, हमले रुकें और दुश्मन बाहर निकले।
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ट्रम्प के युद्ध अधिकारों पर रोक लगाने के लिए सीनेट में चर्चा
अमेरिकी राष्ट्रपति को ईरान के खिलाफ किसी भी नए सैन्य कदम के लिए कांग्रेस से साफ अनुमति लेनी होगी और बिना अनुमति के चल रहे सैन्य अभियानों से अमेरिकी सैनिकों को हटाना होगा।
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लेबनान इस्राईल
लेबनान में तत्काल संघर्ष विराम की मांग, इस्राईल के खिलाफ़ बढ़ता जनाक्रोश
अमेरिका और फ्रांस के नेतृत्व में यूरोपीय संघ, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, जर्मनी, इटली, जापान, सऊदी अरब, कतर और यूएई ने यह अपील की है। बयान में कहा गया कि इस्राईल-लेबनान की स्थिति असहनीय है और इससे क्षेत्रीय तनाव बढ़ने का खतरा है।