5 जनवरी 2026 - 12:58
जौलानी और ज़ायोनी शासन की खुफिया मीटिंग

करीब दो महीने बाद इस्राईल और सीरिया पेरिस में फिर बातचीत करने जा रहे हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की पहल पर शुरू हो रही इस वार्ता का मकसद सीमा सुरक्षा समझौता करना है।

अमेरिका के इशारे पर एक बार फिर सीरिया के जौलानी के नेतृत्व वाले आतंकी समूह की सरकार और ज़ायोनी शासन के बीच वार्ता शुरू हो रही है । करीब दो महीने बाद इस्राईल और सीरिया पेरिस में फिर बातचीत करने जा रहे हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की पहल पर शुरू हो रही इस वार्ता का मकसद सीमा सुरक्षा समझौता करना है। दक्षिणी सीरिया के सैन्यीकरण को खत्म करने और ज़ायोनी सेना की वापसी पर चर्चा होगी। यह डील भविष्य में कूटनीतिक सामान्यीकरण की नींव बन सकती है। सोमवार से शुरू होने वाली इस अहम बैठक में दोनों देशों के सीनियर अधिकारी नया सुरक्षा समझौता तय करने की कोशिश करेंगे। पर्दे के पीछे सबसे बड़ा रोल निभा रहे हैं अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, जो इस डील को अपनी बड़ी कूटनीतिक कामयाबी बनाना चाहते हैं। 

एक्सियोस ने सूत्रों के हवाले से बताया कि ट्रम्प प्रशासन दोनों देशों पर जोर डाल रहा है कि सीमा पर चल रहा तनाव खत्म किया जाए। यही वजह है कि ट्रम्प के खास सीरिया दूत टॉम बैरक इस बातचीत की मेजबानी करेंगे और खुद मध्यस्थ की भूमिका में होंगे। बातचीत दो दिन चलेगी और सीरिया की ओर से विदेश मंत्री असद अल-शैबानी हिस्सा लेंगे, जबकि इस्राईल ने नई टीम मैदान में उतारी है। ये बातचीत इसलिए भी खास है क्योंकि यह पांचवां दौर है, लेकिन पिछले दो महीनों से सब कुछ ठप पड़ा था। वजह, दोनों पक्षों के बीच बड़े मतभेद और इस्राईल के टॉप नेगोशिएटर का अचानक इस्तीफा, अब फिर से कोशिश हो रही है कि कोई रास्ता निकले। 

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