हिज़्बुल्लाह से जुड़े संसदीय ब्लॉक के सदस्य हसन फ़ज़्लुल्लाह ने ज़ोर देकर कहा कि हम युद्ध के इच्छुक नहीं हैं, लेकिन दुश्मन के सामने कभी झुकेंगे नहीं। लेबनान को किसी भी बहाने या नारे के तहत समर्पित नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि क्या लेबनान को ज़ायोनी विरोधी के हाथ बेचा जा सकता है और अपनी संप्रभुता, स्वतंत्रता और इज़्ज़त से हाथ धोया जा सकता है? जब देश कठिन हालात से गुजरते हैं, तो इसका मतलब यह नहीं कि वे समर्पण कर दें, बल्कि आंतरिक एकता के ज़रिए इन परिस्थितियों पर काबू पाया जा सकता है।
फ़ज़्लुल्लाह ने कहा कि हम रोज़ाना दुश्मन की आक्रामकता का सामना करते हैं, लेकिन ज़ायोनी कभी हमारी इच्छाशक्ति को नहीं तोड़ पाएंगे। इस्राईल की कोशिश है कि लेबनानी जनता को सीमावर्ती क्षेत्रों में अपने घरों में वापस जाने से रोका जाए। अगर लेबनान में प्रतिरोध और ऐसे लोग न होते, तो ज़ायोनी दुश्मन हमारी ज़मीन पर कब्ज़ा कर चुका होता। तल अवीव का उद्देश्य हमें दक्षिणी लेबनान से हटा कर वहां नई बस्तियाँ बसाना है।
30 नवंबर 2025 - 13:04
समाचार कोड: 1755824
अगर लेबनान में प्रतिरोध और ऐसे लोग न होते, तो ज़ायोनी दुश्मन हमारी ज़मीन पर कब्ज़ा कर चुका होता। तल अवीव का उद्देश्य हमें दक्षिणी लेबनान से हटा कर वहां नई बस्तियाँ बसाना है।
आपकी टिप्पणी