4 अप्रैल 2025 - 19:43
एकजुट होकर अत्याचार खत्म कर सकते हैं इस्लामी देश

यदि मुसलमान आपस में एकजुट हो जाएं तो वे फिलिस्तीन और ग़ज़्ज़ा के साथ-साथ अन्य उत्पीड़ित मुस्लिम देशों और वहां के लोगों के खिलाफ हो रहे अत्याचारों को रोक सकते हैं।

ईरान के राष्ट्रपति डॉ मसऊद पीजिशक्यान ने सऊदी अरब के युवराज मोहम्मद बिन सलमान से फोन पर बात करते हुए कहा कि इस्लामी इत्तेहाद के माध्यम से ही सिलमि दुनिया पर जारी अत्याचार और बर्बरता को खत्म किया जा सकता है। 

ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान युद्ध या संघर्ष नहीं चाहता है, न ही अशांत परमाणु ऊर्जा की खोज कभी भी उसके रक्षा और सुरक्षा सिद्धांत का हिस्सा रही है। ईरानी राष्ट्रपति डॉ. मसऊद पीजिशक्यान ने सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के साथ टेलीफोन पर बातचीत में सऊदी नरेश, क्राउन प्रिंस और लोगों को ईद-उल-फितर की बधाई देते हुए कहा कि रमजान का महीना मुसलमानों के बीच समानताओं को याद करने का सबसे अच्छा अवसर है।

उन्होंने कहा कि इस्लामी देश इन समानताओं के आधार पर अपनी एकता को मजबूत कर सकते हैं और इसके माध्यम से क्षेत्र में शांति, स्थिरता और विकास को बढ़ावा दिया जा सकता है। राष्ट्रपति ने कहा कि यदि मुसलमान आपस में एकजुट हो जाएं तो वे फिलिस्तीन और ग़ज़्ज़ा के साथ-साथ अन्य उत्पीड़ित मुस्लिम देशों और वहां के लोगों के खिलाफ हो रहे अत्याचारों को रोक सकते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस्लामी देश आपसी सहयोग के माध्यम से अपने क्षेत्र में शांति और समृद्धि सुनिश्चित कर सकते हैं।

ईरानी नेता ने कहा कि ईरान की परमाणु गतिविधियां हमेशा अंतर्राष्ट्रीय मानकों और मानदंडों के अंतर्गत रही हैं तथा पूरी तरह से जाँच की जा सकती हैं । ईरान आपसी हितों और आपसी सम्मान के आधार पर बातचीत और समझ के माध्यम से क्षेत्र में किसी भी तनाव को हल करने के लिए तैयार है। ईरान किसी भी देश के साथ युद्ध नहीं चाहता है, लेकिन वह अपनी रक्षा क्षमताओं को कम नहीं होने देगा।

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