यूगांडा में इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता हज़रत आयतुल्लाह शहीद खामेनई के चेहलुम पर बड़े पैमाने पर अरबईन के कार्यक्रम आयोजित किए गए। कुछ कार्यक्रम पश्चिमी, उत्तरी और पूर्वी इलाकों में धार्मिक और शैक्षणिक हस्तियों की मौजूदगी में केंद्रीय रूप से आयोजित किए गए, जिनमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
शुक्रवार को पूर्वी यूगांडा के मायूगे क्षेत्र में शिया समुदाय की जुमे की नमाज़, ईरानी राजदूत की मौजूदगी में आयोजित हुई। कार्यक्रम की शुरुआत कुराने करीम की तिलावत से हुई और फिर धार्मिक व राजनीतिक हस्तियों के भाषण हुए। यह पूरा कार्यक्रम लगभग चार घंटे तक चला।
अहले बैत असेंबली यूगांडा के इमामे जुमा ने अपने भाषण में न्याय और अत्याचार के विषय तथा कुरान की दृष्टि से शहीद नेता की भूमिका पर चर्चा की। नमाज़ के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने मिलकर सूरह यासीन और सूरह रहमान की तिलावत की और इस्लाम की जीत के लिए दुआएं पढ़ींकी। इसके बाद हुज्जतुल इस्लाम यूसुफ अब्दुल्लाह मुलोम्बा और हाजी अम्मार बोंगो ने भाषण दिए और शहीद नेता की विशेषताओं तथा ईरान की बहादुरी और दृढ़ता की सराहना की।
ईरान के राजदूत ने भी अपने संबोधन में शहीद नेता के व्यक्तित्व और ईरान की राजनीतिक स्थिति पर प्रकाश डाला और लोगों के सवालों के जवाब दिए। कार्यक्रम में मातम, सीना-ज़नी और “लब्बैक या हुसैन”, “लब्बैक या ख़ामेनेई” और “हैहात मिन्नज़्ज़िल्ला” जैसे नारे गूँजते रहे ।
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