19 जुलाई 2026 - 19:34
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सामूहिक विनाश के हथियारों से भी खतरनाक

ट्रंप की नीतियां अमेरिका को एक लंबे और थकाऊ युद्ध में धकेल सकती हैं। उन्होंने कहा कि ट्रंप के फैसले अक्सर दीर्घकालिक रणनीतिक सोच के बजाय शक्ति प्रदर्शन और अल्पकालिक राजनीतिक लाभ से प्रभावित दिखाई देते हैं।

लंदन: ब्रिटेन के प्रतिष्ठित अखबार गार्डियन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों पर तीखा हमला करते हुए उन्हें “चलता-फिरता सामूहिक विनाश का हथियार” करार दिया है। अखबार के वरिष्ठ विश्लेषक साइमन टिसडॉल ने अपनी टिप्पणी में कहा कि मौजूदा वैश्विक संकटों का सबसे बड़ा कारण केवल युद्ध या विरोधी शक्तियां नहीं हैं, बल्कि संकट प्रबंधन के लिए स्पष्ट रणनीति का अभाव है।

गार्डियन के अनुसार ट्रंप का आत्ममुग्ध स्वभाव मौजूदा तनावों को और अधिक खतरनाक बना रहा है। टिसडॉल ने लिखा कि ट्रंप की निर्णय लेने की शैली ने ईरान संकट को अनियंत्रित दिशा में धकेल दिया है और अमेरिका सहित पूरी दुनिया को राजनीतिक, आर्थिक और सैन्य गतिरोध में फंसा दिया है।

विश्लेषण में दावा किया गया है कि अमेरिका के हमले ईरानी शासन को कमजोर करने के बजाय उसकी स्थिति को और मजबूत कर सकते हैं। रिपोर्ट के अनुसार बाहरी सैन्य दबाव ईरान की सरकार को घरेलू समर्थन जुटाने और अपनी सुरक्षा नीतियों को सही ठहराने का अवसर प्रदान करता है।

गार्डियन ने ट्रंप और अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के “बड़ी जीत” संबंधी दावों पर भी सवाल उठाया है। अखबार का कहना है कि अमेरिका अपने प्रमुख उद्देश्यों को हासिल करने में सफल नहीं हुआ है, जबकि युद्ध की मानवीय, आर्थिक और राजनीतिक लागत लगातार बढ़ रही है।

रिपोर्ट के अनुसार वर्तमान परिस्थितियों में अमेरिका का सबसे व्यावहारिक लक्ष्य हुर्मुज जलडमरूमध्य में अंतरराष्ट्रीय नौवहन को सुरक्षित रखना है। वहीं ईरान के परमाणु कार्यक्रम को समाप्त करना, उसके क्षेत्रीय सहयोगियों को कमजोर करना या शासन परिवर्तन जैसे शुरुआती लक्ष्य पहले से अधिक कठिन दिखाई दे रहे हैं।

टिसडॉल ने चेतावनी दी कि ट्रंप की नीतियां अमेरिका को एक लंबे और थकाऊ युद्ध में धकेल सकती हैं। उन्होंने कहा कि ट्रंप के फैसले अक्सर दीर्घकालिक रणनीतिक सोच के बजाय शक्ति प्रदर्शन और अल्पकालिक राजनीतिक लाभ से प्रभावित दिखाई देते हैं।

लेख में कहा गया है कि यही निर्णय लेने का तरीका गाजा और रूस-यूक्रेन संघर्ष में भी देखने को मिला है। गाजा को लेकर ट्रंप की शांति योजना कोई ठोस प्रगति नहीं कर सकी है, जबकि पुनर्निर्माण, निरस्त्रीकरण और सुरक्षा व्यवस्था जैसे अहम मुद्दे अब भी अनसुलझे हैं।

गार्डियन ने चेतावनी दी कि ईरान से जुड़ा संघर्ष केवल मध्य पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा। फारस की खाड़ी में बढ़ता तनाव वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित कर सकता है। वहीं लाल सागर में अस्थिरता तेल की कीमतों में वृद्धि और विकासशील देशों पर आर्थिक दबाव बढ़ा सकती है।

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