7 मई 2026 - 17:42

मैं पूरी स्पष्टता के साथ कहना चाहता हूँ कि जब तक हुर्मुज़ जैसा महत्वपूर्ण जलमार्ग बंद है, तब तक ईरान पर लगा एक भी प्रतिबंध हटाने का प्रश्न ही पैदा नहीं होता।”

फ़्रांस के विदेश मंत्री ने आज रेडियो और टेलीविज़न नेटवर्क RTL को दिए एक साक्षात्कार में पश्चिम एशिया के मौजूदा संकट पर दो मज़बूत लेकिन पहली नज़र में परस्पर विरोधी रुख़ पेश किए। एक ओर उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान पर लगे प्रतिबंधों को हटाना “पूरी तरह असंभव” है, जब तक कि स्तरईट ऑफ हुर्मुज फिर से खोल नहीं दिया जाता। दूसरी ओर उन्होंने स्पष्ट किया कि फ़्रांस और यूरोपीय यूनियन का मुख्य ध्यान युद्धक्षेत्र की तात्कालिक घटनाओं पर नहीं, बल्कि उन निर्भरताओं से मुक्ति पाने पर होना चाहिए, जो उन्हें दूसरों के युद्धों की कीमत चुकाने के लिए मजबूर करती हैं।

यह साक्षात्कार उस समय हुआ, जब अमेरिका के शांति प्रस्ताव पर ईरान की प्रतिक्रिया का इंतज़ार किया जा रहा है। फ़्रांसीसी विदेश मंत्री ने कहा कि “ईरान, या कम से कम ईरानी शासन, ने अमेरिका से यह अनुरोध किया है कि उसके परमाणु कार्यक्रम के संबंध में कुछ कदमों के बदले प्रतिबंधों में राहत दी जाए। लेकिन मैं पूरी स्पष्टता के साथ कहना चाहता हूँ कि जब तक हुर्मुज़ जैसा महत्वपूर्ण जलमार्ग बंद है, तब तक ईरान पर लगा एक भी प्रतिबंध हटाने का प्रश्न ही पैदा नहीं होता।”

फ़्रांस के विदेश मंत्री के बयान ने एक बार फिर यह प्रश्न खड़ा कर दिया है कि क्या पश्चिम एशिया के मौजूदा तनावों के लिए ईरान को ज़िम्मेदार ठहराना पर्याप्त है, जबकि क्षेत्र में लंबे समय से अमेरिका की सैन्य मौजूदगी और इस्राईल की सुरक्षा-नीति भी तनाव बढ़ाने वाले प्रमुख कारणों में गिनी जाती रही है।

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