26 जुलाई 2026 - 18:34
कुद्स ब्रिगेड की मांग, यमन की नाकाबंदी खत्म करे सऊदी अरब

ग़ाज़ा के पीड़ित लोगों की सहायता करना सम्मान और ज़िम्मेदारी की बात है, जबकि यमन की जनता पर नाकाबंदी जारी रखना किसी भी मानवीय और इस्लामी सिद्धांत के अनुरूप नहीं है।

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की कुद्स फ़ोर्स के कमांडर सरदार इस्माइल क़ाआनी ने सऊदी अरब से यमन पर पिछले 11 वर्षों से जारी नाकाबंदी समाप्त करने की अपील करते हुए कहा कि यह यमन के करोड़ों पीड़ित लोगों का न्यायसंगत और मानवीय अधिकार है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से जारी इस नाकाबंदी के कारण यमन को गंभीर मानवीय संकट, खाद्य और दवा की कमी तथा आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है।

सरदार क़ाआनी ने कहा कि सऊदी सरकार को अमेरिका की महंगी और अविवेकपूर्ण नीतियों से सबक लेना चाहिए और 3.8 करोड़ से अधिक आबादी वाले एक मुस्लिम देश की नाकाबंदी को समाप्त कर क्षेत्र में शांति और स्थिरता की दिशा में कदम बढ़ाना चाहिए। उनके अनुसार, किसी भी मुस्लिम देश पर लंबे समय तक दबाव और प्रतिबंध जारी रखना इस्लामी एकता और मानवीय मूल्यों के अनुरूप नहीं है।

उन्होंने कहा कि दुनिया भर के मुसलमानों को उम्मीद है कि सऊदी अरब, जो स्वयं को हरमैन शरीफ़ैन का ख़ादिम कहता है, वह एक पीड़ित मुस्लिम राष्ट्र पर दबाव और युद्ध जारी रखने के बजाय फ़िलिस्तीनी जनता के समर्थन तथा इस्राईल के हमलों और कार्रवाइयों का सामना करने के लिए अपनी क्षमता और संसाधनों का उपयोग करे।

सरदार क़ाआनी ने कहा कि ग़ाज़ा के पीड़ित लोगों की सहायता करना सम्मान और ज़िम्मेदारी की बात है, जबकि यमन की जनता पर नाकाबंदी जारी रखना किसी भी मानवीय और इस्लामी सिद्धांत के अनुरूप नहीं है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि यमन के लोगों को शांति, सम्मान और स्वतंत्र रूप से जीवन जीने का अधिकार मिलना चाहिए तथा क्षेत्रीय देशों को संवाद और सहयोग के माध्यम से इस संकट का समाधान निकालना चाहिए।

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