1 जनवरी 2026 - 14:34
सोमालीलैंड को मान्यता देने की ज़ायोनी हरकत मुस्लिम देशों को कमजोर करने की साजिश 

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने ज़ायोनी शासन द्वारा सोमालीलैंड को मान्यता देने के कदम को मुस्लिम देशों को कमजोर करने की साजिश का हिस्सा बताया है।

अहलुलबैत न्यूज एजेंसी (आबना) की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने सोमालीलैंड को मान्यता देने के ज़ायोनी कदम को मुस्लिम देशों के खिलाफ साजिशों की कड़ी करार दिया है।
प्राप्त विवरण के मुताबिक, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने उन खबरों को भी स्पष्ट रूप से खारिज किया, जिनमें दावा किया गया था कि बेरूत में ईरानी राजदूत की मंजूरी की प्रक्रिया रोक दी गई है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान और लेबनान के बीच राजनयिक संबंध अभी भी सामान्य रूप से स्थापित हैं और किसी भी तरह की बाधा या ठहराव मौजूद नहीं है। लेबनान के नए राजदूत आज ईरान में विदेश मंत्री को अपना राजनयिक कागजात प्रस्तुत करेंगे।
बकाई ने ज़ायोनी सरकार द्वारा सोमालीलैंड को मान्यता देने के कदम पर भी कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ईरान की ओर से इस कदम की निंदा एक सिद्धांत-आधारित और जिम्मेदार स्थिति है, जो इस्लामिक सहयोग संगठन और अफ्रीकी संघ के सदस्य देशों की साझी स्थिति के अनुरूप है।
उन्होंने कहा कि इस्राईल का यह कदम मुस्लिम देशों को कमजोर करने और विशेष रूप से अफ्रीका, लाल सागर और अदन की खाड़ी के संवेदनशील क्षेत्रों में अस्थिरता पैदा करने का एक सुनियोजित प्रयास है।
उन्होंने सीएनएन की रिपोर्ट में ज़ायोनी प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के ईरान के परमाणु कार्यक्रम से संबंधित आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को सैन्य रंग देने के दावे पिछले तीन दशकों से दोहराए जा रहे हैं और ये ज़ायोनी सरकार की लगातार झूठ पर आधारित मुहिम का हिस्सा हैं, जिसे पश्चिमी मीडिया भी अब उजागर कर रहा है।

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