क्रिस्टालीना जॉरजिया ने आईटीवी से बात करते हुए सरकारों पर ग़ैर सुरक्षित चिकित्साकर्मियों की रक्षा के लिए अधिक से अधिक पैसे ख़र्च करने पर बल दिया।
उनका कहना था कि कुछ मामलों में यह संभव है कि क़र्ज़ स्थाई नहीं इसीलिए कुछ कार्यवाहियां करनी होंगी चाहे उसे फिर से व्यवस्थित या क्रमबद्ध करने के लिए अधिक से अधिक पैसे ख़र्च करने पर बल दिया।
वाशिंग्टन में आईएमएफ़ के मुख्यालय से क्रिस्टालीना जॉरजिया के साक्षात्कार के कुछ अंश जारी किया गये जिसमें उनका मानना था कि संकट में और कुछ करने की आवश्यकता है जबकि जी-20 देश कर्ज़ों में कुछ नर्मी का वचन दे चुके हैं।
ज्ञात रहे कि आईएमएफ़ के पास इस समय एक खरब डॉलर ऋण देने की क्षमता है जो पिछले वित्तीय संकट से 4 गुना अधिक है।