अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने ईरान के खिलाफ युद्ध को लेकर डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि इस युद्ध के कारण अमेरिकी सैन्य ठिकानों और सहयोगी देशों पर हमले हुए, अमेरिकी सैनिक मारे गए और सैकड़ों घायल हुए। साथ ही, अमेरिका के मिसाइल भंडार में भी कमी आई है।
अल-मयादीन टीवी नेटवर्क के अनुसार ओबामा ने कहा कि अब ईरान को हुर्मुज़ जलडमरूमध्य पर वीटो जैसा अधिकार मिल गया है। यानी इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते पर ईरान का प्रभाव बढ़ गया है और वह इसके इस्तेमाल को प्रभावित करने की स्थिति में है।
ओबामा ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से सात महीने पहले घोषित ‘जीत’ पर सवाल उठाते हुए कहा कि आज हालात क्या हैं? अमेरिकी सहयोगियों और सैन्य ठिकानों पर हमले हुए, अमेरिकी सैनिक मारे गए और सैकड़ों घायल हुए।
उन्होंने कहा कि अमेरिका में तेल, डीजल, पेट्रोल और लगभग हर चीज की कीमतें बढ़ने की वजह को लेकर कोई मतभेद नहीं है। इसकी मुख्य वजह ईरान के खिलाफ युद्ध है।
ओबामा ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं थे। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने बिना एक भी मिसाइल चलाए, बातचीत और कूटनीति के जरिए परमाणु समझौता किया था।
ओबामा ने अमेरिका के युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ की भी आलोचना की। ओबामा ने उसे गंभीरता से काम न करने वाला व्यक्ति बताया और व्यंग्य करते हुए पूछा कि क्या युद्ध मंत्री सुबह अपना काफी समय आईने में खुद को देखने में बिताते है?
ओबामा ने कहा कि हेगसेथ अपने बालों पर काफी ध्यान देते हैं, क्योंकि शायद उन्हें लगता है कि एक योद्धा को ऐसा ही दिखना चाहिए।
उन्होंने अंत में कहा कि ये लोग गंभीर नहीं हैं और समस्या यह है कि उनकी गैर-जिम्मेदाराना नीतियों की कीमत आखिरकार आम लोगों को चुकानी पड़ती है।
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