:امام علی علیه السلام
إنَّ فاطِمَةَ بِنتَ رَسولِ اللّهِ (ص) لَم تَزَل مَظلومَةً مِن حَقِّها مَمنوعَةً، وعَن ميراثِها مَدفوعَةً، لَم تُحفَظ فيها وَصِيَّةُ رَسولِ اللّهِ (ص)، ولا رُعِيَ فيها حَقُّهُ ولا حَقُّ اللّهِ عز و جل، وكَفى بِاللّهِ حاكِماً ومِنَ الظّالِمينَ مُنتَقِماً
हज़रत इमाम अली अ.स.
रसूल अल्लाह ﷺ की बेटी फ़ातिमा (स.) पर लगातार ज़ुल्म किया गया। उन्हें उनके हक़ से महरूम रखा गया और उनकी विरासत भी उन्हें नहीं दी गई। रसूल अल्लाह ﷺ ने उनके बारे में जो वसीयत की थी, उसका भी पालन नहीं किया गया। उनके मामले में रसूल अल्लाह ﷺ के हक़ और अल्लाह अज़्ज़ा व जल्ल के हक़ का भी ख़याल नहीं रखा गया।
हमारे लिए अल्लाह का फ़ैसला और ज़ालिमों से उसका बदला लेना ही काफ़ी है।
الأمالي للطوسي : ص ۱۵۵ ح ۲۵۸
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