-
सीआईए के पूर्व प्रमुख का दावा, हुर्मुज पर नियंत्रण ईरान की रणनीतिक ताकत में बड़ा इजाफा
अमेरिका और इस्राईल द्वारा ईरान पर हमलों के बाद ईरान ने हुर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही और उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल ली है।
-
अमेरिका शांति के लिए गंभीर नहीं, ईरान को आरोपी बनाने के खेल में जुटा
दोनों देशों के बीच मतभेद अभी भी बने हुए हैं, इसलिए तुरंत बातचीत की कोई संभावना नहीं दिखती।
-
ईरान ने कभी युद्ध नहीं चाहा : राष्ट्रपति पेजेशकियान
कुछ ताकतें क्षेत्र के देशों को विवादों में उलझाकर उनके संसाधनों का लाभ उठाना चाहती हैं, जबकि क्षेत्र के लोगों को एकजुट होकर ऐसे प्रयासों का मुकाबला करना चाहिए और सहयोग व एकता को मजबूत करना चाहिए।
-
अमेरिका की गोलीबारी पर ईरान का पलटवार, अमेरिकी सेना पीछे हटी
IRGC के नियंत्रण अभियानों के दौरान अमेरिकी सैनिकों ने एक ईरानी व्यापारी जहाज को वापस मोड़ने के लिए फायरिंग की। IRGC नौसेना की त्वरित और समय पर कार्रवाई के बाद अमेरिकी सैनिक क्षेत्र से पीछे हट गए।
-
-
अमेरिका को लेकर नाटो का बड़ा बयान, वाशिंगटन पर निर्भरता का दौर खत्म
नाटो की उप महासचिव रादमिला शुकेरिंस्का ने कहा कि अब अधिकतर यूरोपीय देश आर्थिक और सैन्य रूप से इतने मजबूत हो चुके हैं कि वे नाटो की सुरक्षा में सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं, इसलिए अमेरिका पर निर्भरता का समय खत्म हो गया है
-
ईरान का नौसैनिक घेराव युद्धविराम का उल्लंघन और अवैध कदम
किसी देश को सामूहिक सजा देने के इरादे से किया गया यह कदम युद्ध अपराध और मानवता के खिलाफ अपराध के दायरे में आता है।
-
हिज़्बुल्लाह के ड्रोन जायोनी सेना के लिए सबसे बड़ा खतरा बन गए
इस्राईली चैनल 12 ने बताया कि लेबनान में फिर से झड़पें शुरू होने के बाद आत्मघाती ड्रोन इस्राईली सेना के लिए एक गंभीर खतरा बन गए हैं।
-
अमेरिका की समुद्री डकैती का जल्द ही कडा जवाब देंगे
अमेरिका ने युद्धविराम का उल्लंघन किया और समुद्री डकैती करते हुए ओमान सागर में एक ईरानी व्यापारिक जहाज पर गोलीबारी की, जिससे उसके नेविगेशन सिस्टम को बंद कर दिया गया। इसके बाद अमेरिकी सैनिक जहाज पर चढ़ गए और उसे अपने कब्जे में ले लिया।
-
ईरान के साथ युद्ध एपस्टीन मामले से ध्यान भटकाने की कोशिश
उन्होंने दोषी यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन का जिक्र करते हुए कहा कि ट्रंप ने ईरान के खिलाफ आक्रामक कदम उठाकर अमेरिकी जनता का ध्यान अपने एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों से हटाने की कोशिश की,
-
यमन को बाब अल-मंदब जलडमरूमध्य के रूप में एक शक्तिशाली “हथियार” मिला
इस्राईल का लगभग 85% समुद्री व्यापार एशिया के साथ लाल सागर के रास्ते होता है और 40% आयात इसी मार्ग से आता है।
-
ईरान ने जायोनी सेना में सेंध लगाई, IDF में हड़कंप
यह रिपोर्ट ऐसे समय आई है जब एक दिन पहले भी इस्राईली स्रोतों ने दो सैनिकों को ईरान के लिए जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किए जाने की खबर दी थी।
-
हिज़्बुल्लाह को दुश्मन पर भरोसा नहीं, हर गतिविधि पर नजर
संघर्ष विराम एकतरफा नहीं होना चाहिए बल्कि दोनों पक्षों पर लागू होना चाहिए। उनके अनुसार, लेबनान अपनी सेना, जनता और प्रतिरोध के एकजुट रहने से मजबूत रहेगा।
-
इस्राईल ने किया अमेरिका के साथ खेला, नेतन्याहू ने ट्रम्प को मूर्ख बनाया
कुछ अमेरिकी सांसदों ने इस्राईल को हथियार बिक्री रोकने की भी मांग की। लेवी ने कहा कि ट्रंप को भी पता था कि उसे गुमराह किया गया है, लेकिन इसे स्वीकार करना उसके लिए मुश्किल था।
-
यमन की चेतावनी, अमेरिका न सुधरा तो बाबुल मंदब स्ट्रेट को बंद कर देंगे
अल-अज़ी ने ट्रंप और उनके समर्थकों से युद्ध को बढ़ावा देने वाली नीतियों को छोड़ने और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सम्मान करने की अपील की।
-
हुर्मुज़ स्ट्रेट पर ईरान का पूरा नियंत्रण, किसी भी स्थिति का सामने करने के लिए तैयार
कालिबाफ़ के अनुसार ईरान के लोगों को भरोसा रखना चाहिए कि यह क्षेत्र पूरी तरह इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के नियंत्रण में है। उन्होंने बताया कि पहले अमेरिका इस क्षेत्र में माइन-स्वीपिंग जहाज भेजना चाहता था।
-
हज़रत फातिमा मासूमा का मक़ाम
हज़रत मासूमा (स) से रिवायत की गई ज्यादातर हदीसे हज़रत अली (अ) की इमामत और विलायत के बारे में हैं, जिसके साथ उनकी विलायत साबित करके अन्य मासूम इमामों की विलायत भी साबित हो जाती है।
-
ईरान पर युद्ध थोपने वालों को जुर्माना देना होगा
ईरान इस मुद्दे को केवल राजनीतिक बयानबाज़ी तक सीमित नहीं रखेगा, बल्कि इसे कानूनी रूप से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाएगा। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय अदालतों और संस्थाओं में मुकदमे दर्ज कराए जाएंगे, ताकि दोषियों को जवाबदेह बनाया जा सके और पीड़ितों को न्याय मिल सके।
-
नोएडा के बाद अब इलाहाबाद में भी सड़कों पर उतरे मजदूर
धरने पर बैठे मजदूरों ने साफ कर दिया है कि वे केवल मौखिक आश्वासन पर भरोसा नहीं करेंगे वे प्रबंधन से लिखित में गारंटी चाहते हैं कि उनकी मांगों पर अमल किया जाएगा।
-
ईरान और अमेरिका के बीच वार्ता के लिए काम कर रहा है पाकिस्तान
ईरान का रुख साफ है—उसे घेरा नहीं जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका के कदम युद्धविराम का उल्लंघन हैं और सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह खामेनेई की शहादत अमेरिका के रिकॉर्ड पर एक काला धब्बा है।
-
अल्लाह और रसूल की इताअत और वली ए फ़क़ीह की पैरवी
दुश्मनों ने सोचा था कि सर्वोच्च नेता के निधन के बाद सब कुछ समाप्त हो जाएगा, लेकिन अल्लाह ने एक योग्य उत्तराधिकारी दिया। दुश्मनों की उम्मीदें टूट गईं।
-
हम युद्ध नहीं चाहते, लेकिन किसी भी धमकी के आगे नहीं झुकेंगे: पेज़ेश्कियान
ईरान युद्ध नहीं चाहता, लेकिन किसी भी तरह का दबाव या अपनी शर्तें थोपने की कोशिश नाकाम होगी।
-
रूस का दो टूक ऐलान, यूरेनियम संवर्धन ईरान का मौलिक अधिकार
लावरोव ने पश्चिमी देशों, खासकर अमेरिका और उसके सहयोगियों पर निशाना साधते हुए कहा कि वे न केवल ईरान, बल्कि मध्य एशिया और दक्षिण कॉकस के देशों पर भी दबाव बना रहे हैं।
-
उलमा दुश्मनों की साजिशों को नाकाम करने में प्रभावी भूमिका निभाएं
आयतुल्लाह अली रज़ा आराफी ने एक महत्वपूर्ण बयान में कहा है कि वर्तमान दौर एक अत्यंत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक युद्ध का दर्जा रखता है, जिसमें विद्वानों की प्रभावी और सक्रिय भूमिका अत्यंत आवश्यक है।
-
फिलिस्तीन का समर्थन करने की वजह से ईरान को बनाया जा रहा है निशाना : अरब नेशनल कॉन्फ्रेंस
कॉन्फ्रेंस ने कहा कि ईरान पर हमले इसलिए हो रहे हैं क्योंकि वह लगातार फिलिस्तीन का समर्थन करता है और ज़ायोनी–अमेरिकी योजनाओं का विरोध करता है
-
लेबनान जनसंहार
हिज़्बुल्लाह की दो टूक, प्रतिरोध जारी रहेगा
इस अधिकारी ने लेबनानी अधिकारियों से मांग की कि वे ऐसा राष्ट्रीय रुख अपनाएं जिससे देश की जमीन आज़ाद हो, कैदी वापस आएं, हमले रुकें और दुश्मन बाहर निकले।
-
ट्रम्प के युद्ध अधिकारों पर रोक लगाने के लिए सीनेट में चर्चा
अमेरिकी राष्ट्रपति को ईरान के खिलाफ किसी भी नए सैन्य कदम के लिए कांग्रेस से साफ अनुमति लेनी होगी और बिना अनुमति के चल रहे सैन्य अभियानों से अमेरिकी सैनिकों को हटाना होगा।
-
लेबनान इस्राईल
लेबनान में तत्काल संघर्ष विराम की मांग, इस्राईल के खिलाफ़ बढ़ता जनाक्रोश
अमेरिका और फ्रांस के नेतृत्व में यूरोपीय संघ, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, जर्मनी, इटली, जापान, सऊदी अरब, कतर और यूएई ने यह अपील की है। बयान में कहा गया कि इस्राईल-लेबनान की स्थिति असहनीय है और इससे क्षेत्रीय तनाव बढ़ने का खतरा है।