सूरए ताहा की आयत क्रमांक 67, 68 और 69 का अनुवादः
तो मूसा ने अपने मन में (जाति के भ्रष्ट होने को लेकर) भय का आभास किया। हमने कहा कि भयभीत न हो कि निश्चित रूप से तुम ही विजयी होगे। और जो तुम्हारे दाहिने हाथ में है उसे (धरती पर) डाल दो ताकि जो कुछ उन्होंने तैयार किया है वह उसे निगल जाए। निश्चय ही जो कुछ उन्होंने रचा है वह तो बस एक जादूगर का स्वांग भर है और जादूगर जिस प्रकार से भी आए वह कदापि सफल नहीं हो सकता।
संक्षिप्त टिप्पणी:
हर काल में लोगों को धोखा देने के लिए विभिन्न प्रकार के हथकंडे मौजूद होते हैं किंतु ईश्वरीय नेता अपने उचित उपायों से उन सभी हथकंडों को विफल बना देते हैं।
इन आयतों से मिलने वाले पाठ:
- जब कभी सत्य के अनुयायी भय व चिंता में ग्रस्त हों, उन्हें ईश्वरीय सहायता की ओर से आशान्वित करना चाहिए।
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हर काल में लोगों को धोखा देने के लिए विभिन्न प्रकार के हथकंडे मौजूद होते हैं किंतु ईश्वरीय नेता अपने उचित उपायों से उन सभी हथकंडों को विफल बना देते हैं जिसके परिणाम स्वरूप धोखेबाज़ अपमानित होते हैं और सत्य अधिक सुदृढ़ हो जाता है।