17 अक्टूबर 2026 - 19:41
न्यूज़वीक का दावा, ईरान युद्ध की असली लागत पेंटागन के अनुमान से 7 गुना ज्यादा

अमेरिकी परिवारों पर बढ़ा आर्थिक बोझ, हर परिवार को करीब 2,000 डॉलर का नुकसान होने का अनुमान

वॉशिंगटन: अमेरिकी पत्रिका Newsweek की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल के युद्ध की वास्तविक आर्थिक लागत अमेरिकी रक्षा विभाग के अनुमान से करीब सात गुना ज्यादा हो सकती है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस युद्ध के कारण अमेरिकी नागरिकों पर महंगाई, ईंधन की बढ़ती कीमतों और होम लोन की ब्याज दरों का अतिरिक्त बोझ पड़ा है।

रिपोर्ट के अनुसार, अर्थशास्त्री और मूडीज एनालिटिक्स के मुख्य अर्थशास्त्री मार्क ज़ांडी ने युद्ध की कुल लागत करीब 265 अरब डॉलर आंकी है। यह रकम अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ द्वारा बताई गई प्रत्यक्ष सैन्य लागत के अनुमान से लगभग सात गुना अधिक बताई गई है।

रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि युद्ध के कारण अमेरिकी परिवारों पर औसतन करीब 2,000 डॉलर का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है। इसमें ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी, घरों को गर्म रखने की लागत और मकानों के कर्ज की ब्याज दरों में वृद्धि शामिल है।

मार्क ज़ांडी के अनुसार, युद्ध से पहले सामान्य पेट्रोल की कीमत करीब 2.98 डॉलर प्रति गैलन थी, जो बढ़कर 4.30 डॉलर से अधिक हो गई। वहीं, डीजल की कीमत भी 4 डॉलर से कम से बढ़कर 6 डॉलर प्रति गैलन से ज्यादा पहुंच गई।

रिपोर्ट के मुताबिक, महंगाई बढ़ने से लंबी अवधि की ब्याज दरों पर भी दबाव पड़ा है। इससे घर खरीदने के लिए लिए जाने वाले कर्ज की लागत बढ़ गई है।

ज़ांडी के अनुमान के अनुसार, लंबी अवधि की ब्याज दरों में बढ़ोतरी के कारण ही अमेरिकी परिवारों पर औसतन करीब 540 डॉलर का अतिरिक्त खर्च आया है।

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि बढ़ते खर्चों के कारण अमेरिकी परिवारों को अपने कर्ज की किस्तें चुकाने में परेशानी हो रही है। इसके मुताबिक, अमेरिका के हर पांच में से एक परिवार ने अपने कर्ज का भुगतान समय पर नहीं किया है।

रिपोर्ट में फेडरल रिजर्व के नए आंकड़ों का हवाला देते हुए इस स्थिति को 2008 की बड़ी आर्थिक मंदी के बाद का गंभीर स्तर बताया गया है।

रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और इस्राईल का ईरान के खिलाफ युद्ध तथा हुर्मुज जलडमरूमध्य से ऊर्जा की आपूर्ति में आई बाधाओं ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव डाला है। इस मार्ग से तेल और गैस की वैश्विक आपूर्ति का महत्वपूर्ण हिस्सा गुजरता है, इसलिए यहां व्यवधान से ईंधन की कीमतें प्रभावित हो सकती हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि नवंबर में होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से पहले बढ़ती महंगाई और घरेलू खर्चों का मुद्दा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रिपब्लिकन पार्टी के लिए चुनौती बन सकता है।

रिपोर्ट के अनुसार, प्यू रिसर्च सेंटर के एक सर्वेक्षण में 65 प्रतिशत अमेरिकी नागरिकों ने ईरान युद्ध को संभालने के ट्रंप के तरीके पर असंतोष जताया।

दो दिन पहले एक चुनावी कार्यक्रम में ट्रंप ने युद्ध की लागत का बचाव करते हुए कहा था कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई के परिणामस्वरूप जनता को जो खर्च उठाना पड़ रहा है, वह बहुत मामूली है।

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