8 दिसंबर 2019 - 15:05
अमरीकी जेल से रिहा होकर घर पहुंचे ईरानी वैज्ञानिक का बड़ा ख़ुलासा

अमरीकी जेल से रिहा होकर घर पहुंचने वाले ईरानी वैज्ञानिक मसूद सुलेमानी का कहना है कि जिस जेल में वह बंद थे, उसके जेलर ने वहां बंद क़ैदियों से कहा था कि वह एक आतंकवादी हैं, जो अमरीका में बम धमाकों की योजना बना रहे थे।

जेल में बिताए गए वक़्त को याद करते हुए सुलेमानी ने कहा कि अमरीका, ईरान और ईरानी जनता का नम्बर वन दुश्मन है।

सुलेमानी को कि जो स्टेम सेल, हेमाटोलॉजी और रीजेन्रेटिव मेडिसिन जैसे क्षेत्रों में शोध करते हैं, क़रीब एक साल पहले अमरीकी अधिकारियों ने शिकागो पहुंचने पर गिरफ्तार करके जॉर्जिया की  एक जेल में बंद कर दिया था।

शनिवार की रात अमरीका की क़ैद से आज़ाद होने के बाद तेहरान के मेहराबाद एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए ईरानी वैज्ञानिक ने कहाः अमरीका के जेल अधिकारियों ने जेल में बंद क़ैदियों से मेरे बारे में कहा था कि मैं एक आतंकवादी हूं और अमरीका में बम धमाकों की योजना बना रहा हूं।

लेकिन मुझसे मिलने के बाद अमरीकी क़ैदी कहते थे कि तुम आतंकवादी नहीं लगते हो, लेकिन अधिकारी तुम्हारे बारे में ऐसा क्यों कह रहे हैं?

सुलेमानी को मिनेसोटा में एक सम्मेलन में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया था, लेकिन उनके वहां पहुंचते ही एफ़बीआई ने उन्हें गिरफ़्तार कर लिया।

एफ़बीआई का आरोप था कि उन्होंने जैविक सामग्री ईरान पहुंचाने की कोशिश करके तेहरान के ख़िलाफ़ अमरीका के आर्थिक प्रतिबंधों का उल्लंघन किया है।

पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि जब मैंने अमरीकी अधिकारियों से कहा कि वह मुझे मेरे वतन वापस जाने दें, क्योंकि वहां कई रोगियों को मेरी ज़रूरत है, तो उन्होंने कहाः उन्हें मरने दो, मर भी जायेंगे तो कोई फ़र्क़ नहीं पड़ेगा।

सुलेमानी ने बताया कि अमरीकी अधिकारियों को सबसे ज़्यादा क्रोध ईरान की वैज्ञानिक प्रगति पर है।

ईरान और अमरीका के बीच क़ैदियों की अदला-बदली के समझौते के तहत शनिवार को ईरान ने चीनी मूल के अमरीकी क़ैदी शियू वांग को आज़ाद किया है।

क़ैदियों की इस अदला-बदली के लिए ट्रम्प ने ईरान का शुक्रिया अदा करते हुए कहाः बहुत ही पारदर्शी वार्ता के लिए मैं ईरान का शुक्रिया करना चाहता हूं। इससे यह साबित हो गया कि हम इससे भी बड़े और जटिल मुद्दों पर वार्ता कर सकते हैं।