सऊदी अरब की नौसेना ने वर्ष 2008 से अपने विकास के लिए 20 अरब डाॅलर के निवेश का कार्यक्रम बनाया था। रियाज़ इस समय अपने चार डिस्ट्रायरों, तीन युद्धक समुद्री जहाज़ों और 9 गश्ती नौकाओं को इस्तेमाल कर रहा है और इनमें से अधिकतर 80 के दशक के बने हुए हैं। अमरीका की डेली बीस्ट न्यूज़ वेबसाइट के अनुसार सऊदी अरब अमरीका से जो डिस्ट्रायर व युद्धक नौकाएं ख़रीदना चाहता है वे 2019 से 2021 के बीच उसे दी जाएंगी। सऊदी अरब की ओर से इन युद्धक नौकाओं और जहाज़ों की ख़रीदारी अजीब प्रतीत होती है क्योंकि इनके अविश्वसनीय होने की वजह से स्वयं अमरीकी नौसेना इन्हें इस्तेमाल नहीं कर रही है। यही कारण है कि अमरीकी नौसेना ने इन्हें बनाने वाली कंपनी लाॅकहेड मार्टिन को दिए गए आर्डर में इनकी संख्या 55 से घटा कर 32 कर दी है।
इन युद्धक जहाज़ों और नौकाओं पर अगर अमरीका के ही बने हुए एसएम-2 या टाॅमहाॅक मीज़ाइलों को तैनात न किया गया तो इनकी उपयोगिता बहुत कम हो जाएगी और यह उन जहाज़ों और नौकाओं का मुक़ाबला नहीं कर पाएंगी जो इनके लिए ख़तरनाक होंगी। इन समस्याओं के बावजूद सऊदी अरब के अधिकारी अमरीका से इन युद्धक जहाज़ों और नौकाओं को ख़रीदने पर आग्रह कर रहे हैं।