9 जून 2019 - 05:38
भारत, लोकतंत्र का जनाज़ा निकला, अमित शाह को काला झंडा दिखाने वाली छात्रा निलंबित

भारत के राज्य उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद शहर में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को काले झंडे दिखाने वाली छात्रा को विश्व विद्यालय ने निलंबित कर दिया।

(ABNA24.com) भारत के राज्य उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद शहर में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को काले झंडे दिखाने वाली छात्रा को विश्व विद्यालय ने निलंबित कर दिया।

प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार यह घटना लगभग एक वर्ष पहले की है जब इलाहाबाद विश्वविद्यालय की छात्रा नेहा यादव ने भातीय जनता पार्टी अध्यक्ष अमित शाह को काला झंडा दिखाया था और उसके बाद से चर्चा में आई थीं।

शैक्षणिक सत्र समाप्त होने पर प्रशासन छात्रावासों को खाली करा रहा था। नेहा यादव और कई अन्य छात्राएं इस आंदोलन का नेतृत्व कर रही थीं। आरोप है कि इस आंदोलन की वजह से सड़क पर जाम लग गया और प्रशासन को जाम हटाना पड़ा।

इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्रावासों को ख़ाली कराने की कार्यवाही का कुछ छात्र ये कहकर विरोध कर रहे थे कि उन्हें कुछ दिन और रहने की छूट दे दी जाए क्योंकि आने वाले दिनों में यूजीसी की परीक्षा है।

इलाहाबाद विश्वविद्यालय में फूड एंड टेक्नोलॉजी विभाग में शोध की छात्रा और हॉल ऑफ रेज़िडेंस हॉस्टल में रहने वाली नेहा यादव का कहना है कि इलाहाबाद विश्व विद्यालय प्रशासन ने उनके ख़िलाफ़ एकपक्षीय कार्यवाही की है। उनका कहना है कि विश्वविद्यालय ने मुझे कोई चेतावनी पत्र तक नहीं दिया, सीधे निलंबित कर दिया और कारण बताओ नोटिस में पूछा है कि ‘क्यों न आपको निष्कासित कर दिया जाए।

नेहा यादव का आरोप है कि वो विश्वविद्यालय प्रशासन के निशाने पर तभी से हैं जब उन्होंने पिछले साल अमित शाह को काला झंडा दिखाया था और उस आरोप में वो जेल भी गई थीं।

उन्होंने कहा, ‘आंदोलन में इतनी छात्राएं थीं, कुछ ऐसी भी थीं जो छात्रसंघ का चुनाव लड़ चुकी हैं लेकिन कार्यवाही सिर्फ़ मेरे ख़िलाफ़ ही हुई। मुझ पर आरोप लगे हैं कि मेरे ख़िलाफ़ कई मामले दर्ज हैं जबकि जो भी मामले दर्ज हैं वो छात्र हितों की लड़ाई लड़ने के आरोप में ही दर्ज हैं।

नेहा यादव कहती हैं कि मैंने तो माफ़ी भी मांगी है कि कुछ ग़लत किया हो तो माफ़ कर दिया जाए लेकिन मेरी बात कोई सुन ही नहीं रहा है। कुलपति महोदय से भी मिलने की दो दिन तक कोशिश की लेकिन मिल नहीं पाई।

दूसरी ओर इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर प्रोफ़ेसर रामसेवक दुबे ने बताया कि नेहा यादव सिर्फ़ दो साल से ही यहां की छात्रा हैं लेकिन इस दौरान उनके ख़िलाफ़ अनुशासनहीनता की कई शिकायतें मिली हैं।

बता दें कि, नेहा यादव साल 2016 में विश्वविद्यालय में संयुक्त प्रवेश परीक्षा की टॉपर रही हैं और उनका अच्छा अकादमिक रिकॉर्ड रहा है।




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