उन्होंने शुक्रवार को अपने ट्वीटर हैंडल पर, पिछले वर्ष अगस्त में अमरीकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प के ब्लूमबर्ग न्यूज़ के साथ इंटरव्यू का हवाला दिया जिसमें अमरीकी राष्ट्रपति ने दावा किया था कि उनकी नीतियों के नतीजे में ईरानी सरकार गिर जाएगी।
ईरानी विदेश मंत्री ने ट्रम्प के बयान की अमरीकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो के बयान से तुलना की जिन्होंने गुरुवार को नेटो के विदेश मंत्रियों की बैठक में कहा कि इस सैन्य गठजोड़ को ईरान, रूस और चीन की ओर से ख़तरे के मुक़ाबले में एकजुट रहना चाहिए।
पोम्पियो के इस बयान पर जवाद ज़रीफ़ ने ट्वीट कियाः "एक दिन अमरीका दावा करता है कि ईरान पतन के मुहाने पर है, अगली बार नेटो के लिए ख़तरनाक शक्ति के रूप में हमें चित्रित किया जाता है। विदेश मंत्री पोम्मियो और उनके आक़ा मौक़े के अनुसार दावा करते हैं जो विरोधाभासी है। इसके विपरीत ईरान एक ज़िम्मेदार और शांति के लिए हमेशा प्रयास करने वाला राष्ट्र रहा है।"
जवाद ज़रीफ़ ने बल दिया कि अमरीकी अधिकारियों के विरोधाभासी बयान के बावजूद, ईरान हमेशा ही एक ज़िम्मेदार व शांति के लिए कोशिश करने वाला राष्ट्र रहा है।