21 जुलाई 2026 - 18:10
मध्य प्रदेश में भी लागू होगा UCC, विधानसभा ने दी मंजूरी

भोपाल: मध्य प्रदेश विधानसभा में हंगामे और विपक्ष के विरोध के बीच समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक बहुमत से पारित हो गया। इसके साथ ही मध्य प्रदेश उन राज्यों की सूची में शामिल हो गया है, जहां UCC लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है। इससे पहले उत्तराखंड, गुजरात और असम इस कानून को लेकर आगे बढ़ चुके हैं।

विधेयक पर चर्चा के दौरान विधानसभा का माहौल काफी गर्म रहा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के वक्तव्य के समय कांग्रेस विधायकों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए सरकार का विरोध किया। हालांकि, शोर-शराबे के बीच सदन में बहुमत के आधार पर बिल को मंजूरी दे दी गई।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने UCC को लेकर विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि कुछ दल इस मुद्दे पर दोहरी राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस लंबे समय से तुष्टिकरण की राजनीति करती रही है।

सीएम ने कहा कि समान नागरिक संहिता का उद्देश्य समाज के हर नागरिक के लिए एक समान कानून व्यवस्था सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि कानून जाति, धर्म या समुदाय के आधार पर भेदभाव नहीं करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अब विवाह से जुड़े नियमों का पालन अनिवार्य होगा। उन्होंने दावा किया कि एक से अधिक विवाह करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का प्रावधान होगा।

उन्होंने कहा कि महिलाओं के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए यह कदम उठाया गया है। सरकार का उद्देश्य है कि किसी भी महिला के साथ अन्याय न हो।

UCC विधेयक में लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर भी प्रावधान शामिल किए गए हैं। इसके तहत ऐसे रिश्तों का पंजीकरण अनिवार्य करने की बात कही गई है।

सरकार का कहना है कि इससे महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों को मजबूती मिलेगी, जबकि विपक्ष ने विधेयक के प्रावधानों पर सवाल उठाए हैं।

विधेयक पारित होने के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। सरकार ने इसे सामाजिक समानता की दिशा में बड़ा कदम बताया, वहीं विपक्ष ने इसे जल्दबाजी में लाया गया कानून बताते हुए विरोध दर्ज कराया।

मध्य प्रदेश में UCC को मंजूरी मिलने के बाद अब इसे लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

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