इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह सय्यद अली खामेनेई ने 31वें राष्ट्रीय नमाज़ सम्मेलन के अवसर पर अपने संदेश में वक्त पर पूरी तवज्जोह के साथ नमाज़ अदा करने पर जोर दिया।
अपने संदेश में इस्लामी ईरान के नेता ने कहा कि अल्लाह का शुक्र है कि नमाज़ सम्मेलन का सिलसिला वर्षों से चल रहा है। जनाबे क़राअती के ईमानदारी भरे प्रयासों ने इसमे बरकत डाल दी, ऐसी ही उम्मीद थी, और अल्लाह ने चाहा तो यह सिलसिला इसी तरह जारी रहेगा।
नमाज़ के दौरान खुजु और खुशुअ का ख्याल रखें और याद रहे कि नमाज़ पढ़ने वाला व्यक्ति उस हस्ती से बात कर रहा है जो पूरी कायनात और कयामत के दिन का मालिक है।
इन दो विशेषताओं के साथ नमाज़ बंदे के दिलों दिमाग़ और रूह पर अस्सर करती है और उसके व्यक्तिगत और सामाजिक कार्यों में सकारात्मक बदलाव लाती है।