28 सितंबर 2024 - 13:30
इस्राईल के अड्डा है संयुक्त अरब अमीरात, निशाना बनाने की धमकी

प्रतिरोधी दलों की मिसाइलें और ड्रोन जो ज़ायोनी शासन के दूरस्थ ठिकानों तक मार कर रहे हैं, वह इलाक़े में अतिक्रमणकारी शासन के वैकल्पिक ठिकानों पर आसानी से हमला कर सकते हैं।

सय्यद हसन नसरुल्लाह की की शहादत के बीच अगर मीडिल ईस्ट में जंग की आग भड़कती है तो उस से संयुक्त अरब अमीरात का बचना भी असंभव होगा।

इस्राईल से मज़बूत रिश्ते के साथ साथ उसके लिए अग्रिम पंक्ति के मोर्चे के रूप में पहचाने जाने वाले संयुक्त अरब अमीरात को लेकर इराक के प्रतिरोधी समूह हिज़्बुल्लाह ब्रिगेड ने कहा है कि इराक का इस्लामी प्रतिरोध संयुक्त अरब अमीरात को क्षेत्र में ज़ायोनी शासन का आधार और अग्रिम पंक्ति मानता है, और इसे संपूर्ण युद्ध की स्थिति में लक्ष्य की पहली पंक्ति मानता है।

प्रतिरोधी दलों की मिसाइलें और ड्रोन जो ज़ायोनी शासन के दूरस्थ ठिकानों तक मार कर रहे हैं, वह इलाक़े में अतिक्रमणकारी शासन के वैकल्पिक ठिकानों पर आसानी से हमला कर सकते हैं।