कहा जा रहा है कि पिछले एक महीने से अदालती कार्रवाई से राहत पाने वाले ज़ायोनी प्रधानमंत्री के खिलाफ अदालत ने फिर से कड़ी कार्रवाई का मन बना लिया है और आज से ही उनके खिलाफ रिश्वत के कई मामलों को फिर से खोला जा सकता है।
स्थानीय मिडिया के मुताबिक़ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् में इस्राईल के स्थायी प्रतिनिधि गिलाद अर्दन इन मामलों में चश्मदीद गवाह की हैसियत से बयान देने के लिए इस्राईल पहुँच रहे हैं।
वहीँ नेतन्याहू को झटका देते हुए उनके दफ्तर के पूर्व प्रमुख अरी हारो भी इस मामले में चश्मदीद गवाह की हैसियत से अदालत के सामने पेश होंगे। वह ज़ायोनी कैबिनेट की ओर से अर्दन के बाद गवाही के लिए अदालत का रुख करेंगे। साथ ही विपक्षी नेता याईर लैपिड और पूर्व सांसद ज़िपी लिवनी भी इन मामलों में गवाही देंगी।
नेतन्याहू के ऊपर करप्शन के 3 केस चल रहे हैं। इनमें रिश्वत लेने, खास लोगों से महंगे तोहफे लेने और मीडिया कंपनियों से अपने पक्ष में खबरें दिखाने की डील करने के आरोप हैं।
नवंबर 2019 में नेतन्याहू के खिलाफ भ्रष्टाचार के तीन मामले दर्ज किये गए। मामला नंबर 1000 , 2 हज़ार और 4 हज़ार। मामला नंबर 1000 में नेतन्याहू के खिलाफ रिश्वत लेने और भ्र्ष्टाचार के गंभीर आरोप हैं। नेतन्याहू पर एक ऑस्ट्रेलियाई अरबपति जेम्स पार्कर, और हॉलीवुड फिल्म निर्माता अर्नोन मिलकेन जैसे धन कुबेरों से ग़ैर क़ानूनी रूप से हजारों डॉलर के क़ीमती तोहफे लेने के इलज़ाम हैं
केस नंबर 2000 में नेतन्याहू के खिलाफ भ्रष्टाचार के संगीन और गंभीर आरोप है। नेतन्याहू पर इलज़ाम है कि उन्होंने इस्राईल के मशहूर न्यूज़ पेपर यदीऊत अहरोनोत के पब्लिशर अर्नोन मोज़िस से भारी भरकम रक़म ली है ताकि वह एक दूसरे और अहरोनोत के सबसे बड़े कॉम्पिटिटर समाचार पत्र इस्राईल ह्यूम के मुक़ाबले में यदीऊत का समर्थन करें।
वहीँ केस नम्बर 4000 में नेतन्याहू पर धोखाधड़ी, अमानत में गड़बड़ी, फ्रॉड और रिश्वत देने के गंभीर अपराध में मामला दर्ज है। नेतन्याहू पर आरोप हैं कि उन्होंने दूर संचार कंपनी के शेयर धारकों और वाल्ला वेबसाइट को भारी भरकम रिश्वत दी ताकि वह उनके हक़ में कैंपेन चलाये और मीडिया को उनके पक्ष में काम करने के लिए तैयार करे।