यमन पर आले सऊद के हमलों के कारण अरब का यह सबसे ग़रीब और असहाय मुस्लिम देश सदी के सबसे बड़े मानवीय संकट से गुज़र रहा है। आले सऊद की बर्बरता और हैवानियत का सबसे बड़ा शिकार यमन के बच्चे बन रहे हैं। हालात इतने बुरे हैं कि हर दस मिनट में एक बच्चा मौत का शिकार बन रहा है।
संयुक्त राष्ट्र संघ ने यमन में बच्चों की खराब हालत का ज़िक्र करते हुए कहा कि यमन के हालात बिगड़ रहे हैं बच्चों की हालत बहुत खराब है। कुपोषण के कारण कभी भी लाखों बच्चे काल की गाल में समा सकते हैं।
बच्चों के लिए काम करने वाले संयुक्त राष्ट्र के संगठन यूनिसेफ ने कहा कि यमन के लाखों बच्चों पर मौत का साया मंडरा रहा है। यहाँ कुपोषण के कारण हालात बद से बदतर हो रहे हैं। अगर जल्दी ही यमन को इस संकट से बाहर निकालने के लिए ज़रूरी बजट का इन्तेज़ाम न किया गया और ढंग से काम न हुआ तो हालात बहुत खतरनाक हो सकते हैं।
इस से पहले भी यूनिसेफ ने अपने ट्वीटर हैंडल से यमन की खराब हालत का ज़िक्र करते हुए कहा था कि यमन मे कम से कम 20 लाख बच्चे गंभीर रूप से कुपोषण का शिकार हैं उन्हें जल्द ही अच्छे इलाज और खान पान की ज़रूरत है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ इन 20 लाख बच्चों के अलावा कम से कम 540 हज़ार बच्चे ऐसे हैं जिनकी हालात खाने पीने की गंभीर कमी के कारण फौरन मेडिकल रिलीफ की ज़रूरत है। अगर जल्दी ही इन बच्चों को मुनासिब इलाज न मिला तो उनका बचना मुश्किल है।
बता दें कि पिछले साल के मध्य में संयुक्त राष्ट्र ने यमन के बारे में अपनी रिपोर्ट में दावा करते हुए कहा था कि यमन के 19 मिलियन, यानी 1 करोड़ 90 लाख लोग भुखमरी का सामना कर रहे हैं।
2015 में यमन के खिलाफ सऊदी अरब के बर्बर और वहशी हमलों और इस देश की नाकाबंदी के बाद यमन में यह भुखमरी की सबसे ज़्यादा दर थी।