27 फ़रवरी 2021 - 13:49
किसान आंदोलन 100 दिन के पार, किसानों के मज़बूत इरादे का पता दे रहा है

तीन कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ किसान, 100 दिन से ज़्यादा अधिक दिनों से दिल्ली की अलग अलग सीमाओं पर आंदोलन कर रहे हैं। भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता व किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि वही मंत्री बातचीत के लिए आए जिसके पास इख़्तियार हो।

उन्होंने कहा कि अगर नरेन्द्र सिंह तोमर के पास पावर होती तो वे क़ानून वापस ले लेते, क्योंकि वे भी खेती व किसानी से जुड़े हुए हैं। उनका कहना है कि सरकार जितने भी मंत्रियों को बातचीत के लिए भेजती है, उनकी पावर में कटौती करके भेजा जाता है।

एनडीटीवी से बातचीत में राकेश टिकैत ने कहाः “पूरी पावर देकर सरकार किसी को भेजे, उन्हें पूरी ताक़त देकर भेजे कि आप जो कहेंगे, वो हम मान जाएंगे, तो फ़ैसला हो जाएगा। अब सरकार मंत्रियों को तो ज़रूर भेज रही है, लेकिन उनके अधिकारों में कटौती करके भेज रही है तो कैसे होगा।”

ग़ौरतलब है कि 3 विवादित कृषि क़ानूनों को लेकर किसान और सरकार के बीच 11 दौर की बातचीत हो चुकी है जिसका कोई हल नहीं निकला।

दूसरी ओर राकेश टिकैत महापंचायतों में भाग ले रहे हैं। वे राजस्थान में अलग अलग सभाओं को संबोधित कर रहे हैं। हाल ही में उन्होंने राजस्थान के सीकर में आयोजित महापंचायत को संबोधित करते हुए कहा था कि किसानों को कोई नहीं बांट पाएगा, अब देश में नई बिरादरी पैदा हो रही है, जिसका नाम है किसान।