मंगलवार को ट्रम्प ने फ़ॉक्स न्यूज़ टीवी चैनल के साथ बात करते हुए दावा किया कि मेटिस ने असद की हत्या का अवसर, हाथ से निकाल दिया।
उन्होंने कहाः मेरा मानना था कि असद को रास्ते से हटा दिया जाए, लेकिन मेटिस आड़े आ गए।
अमरीकी राष्ट्रपति से जब पूछा गया कि क्या बशार असद की हत्या नहीं कर सकने का उन्हें अफ़सोस है, तो उन्होंने जवाब दियाः नहीं, अफ़सोस नहीं है। दोनों ही स्थिति में मैं ख़ुश हूं, मेरी नज़र में वह अच्छे इंसान नहीं हैं। मेरे पास उनकी हत्या का अवसर था, लेकिन मेटिस ने इसका विरोध किया।
ट्रम्प का कहना था कि मेटिस अकसर फ़ैसलों का विरोध करते थे, अमरीकी सेना की कमान उनके हाथ में थी, लेकिन उन्हें यह नहीं पता था कि जीत कैसे हासिल की जाती है, उनके हटने के बाद, हमने कई सफलताएं अर्जित कीं।
दूसरी ओर, संयुक्त राष्ट्र संघ में ईरान के प्रतिनिधि ने राष्ट्र संघ और सुरक्षा परिषद को पत्र लिखकर तेहरान के ख़िलाफ़ ट्रम्प की हालिया धमकियों की शिकायत की है।
अमरीकी पत्रिका पोलिटिको ने दावा किया था कि ईरान, शहीद जनरल क़ासिम सुलेमानी की हत्या का बदला लेने के लिए दक्षिण अफ़्रीक़ा में अमरीकी राजदूत की हत्या की योजना बना रहा है।
ट्रम्प ने सोमवार को देर रात गए ट्वीट में कहाः प्रेस रिपोर्ट के अनुसार, ईरान सुलेमानी की हत्या का बदला लेने के लिए हत्या की योजना बना सकता है या अमरीका के ख़िलाफ़ हमला कर सकता है। अमरीका के ख़िलाफ़ ईरान के किसी भी तरह के हमले का जवाब, 1,000 गुना अधिक होगा!
ट्रम्प ने ईरान पर हत्या की योजना बनाने का आरोप ऐसी स्थिति में आरोप लगाया है, जब ख़ुद उन्होंने जनरल सुलेमानी की हत्या का आदेश दिया था।