सूरए क़सस की आयत क्रमांक 26 का अनुवाद:
उन दोनों लड़कियों में से एक ने (शुऐब से) कहा, हे पिता! इन्हें मज़दूरी पर रख लीजिए कि निश्चित रूप से सबसे अच्छा व्यक्ति जिसे आप नौकरी पर रखें, वही है जो सशक्त और अमानतदार हो।
संक्षिप्त टिप्पणी:
लोगों को कोई दायित्व सौंपते समय क्षमता और अमानतदारी जैसी दो आवश्यक विशेषताओं को कसौटी बनाना चाहिए।
इस आयत से मिलने वाले पाठ:
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बच्चों को, चाहे वे बेटे हों या बेटियां, इस बात का अधिकार है कि जो बात उनकी दृष्टि में सही है उसे तर्क के साथ परिवार के बुज़ुर्ग के सामने सुझाव के रूप में पेश करें, इसमें लड़के और लड़की के बीच कोई अंतर नहीं है।
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लोगों को नौकरी पर रखते समय काम के अनुसार सबसे अच्छे लोगों का चयन करना चाहिए।
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लोगों को कोई दायित्व सौंपते समय क्षमता और अमानतदारी जैसी दो आवश्यक विशेषताओं को कसौटी बनाना चाहिए।