18 अक्टूबर 2026 - 18:37
इराकी प्रधानमंत्री अल-जैदी को अविश्वास प्रस्ताव की चेतावनी

ईरान के साथ इराक के संबंधों पर बात करते हुए अल-सादावी ने कहा कि दोनों देशों के रिश्तों को अमेरिकी दबाव और शर्तों से दूर रखा जाना चाहिए।

बगदाद: इराक के पूर्व सांसद अब्दुलहादी अल-सादावी ने चेतावनी दी है कि अगर प्रधानमंत्री अल-जैदी की सरकार ने अमेरिका के दबाव में आकर फैसले लिए और इससे इराक के नागरिकों के हितों को नुकसान पहुंचा, तो राजनीतिक दल सरकार के खिलाफ खड़े हो सकते हैं। उन्होंने सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने की संभावना भी जताई।

ईरान के साथ इराक के संबंधों पर बात करते हुए अल-सादावी ने कहा कि दोनों देशों के रिश्तों को अमेरिकी दबाव और शर्तों से दूर रखा जाना चाहिए।

समाचार एजेंसी तस्नीम की रिपोर्ट के अनुसार, अल-सादावी ने कहा कि इराक और ईरान के बीच करीब 1,400 किलोमीटर लंबी साझा सीमा है। दोनों देशों के बीच आर्थिक, व्यापारिक, सामाजिक, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में व्यापक संबंध हैं।

उन्होंने कहा कि इराक सरकार को ऐसे किसी भी अमेरिकी दबाव के सामने नहीं झुकना चाहिए, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच इन संबंधों को खत्म करना हो।

अल-सादावी ने कहा कि इराक में संसद और राजनीतिक दलों की अहम भूमिका है। अगर सरकार के फैसलों से आम नागरिकों को नुकसान होता है, तो इसका असर देश के सभी राजनीतिक दलों के हितों पर भी पड़ेगा।

उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी स्थिति में राजनीतिक दल सरकार के फैसलों का विरोध कर सकते हैं और उसके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।

पूर्व सांसद ने इराक के फैसलों में एकजुटता बनाए रखने और किसी भी बाहरी दबाव से मुक्त होकर निर्णय लेने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि इराक और ईरान के बीच कई साझा हित हैं और किसी भी देश को इराक को दूसरे देशों के साथ संबंध रखने से रोकने का अधिकार नहीं होना चाहिए।

अल-सादावी का मुख्य संदेश यह है कि इराक की सरकार को अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए और ईरान के साथ संबंधों को लेकर किसी बाहरी देश के दबाव में फैसला नहीं लेना चाहिए।

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