19 अगस्त 2020 - 14:19
मलेशियाई संसद की बड़ी मांग, इस्राईल को संयुक्त राष्ट्र संघ से निकाला जाए!

मलेशिया के सांसदों ने पूर्ण सहमति के साथ फिलिस्तीनियों और फिलिस्तीनी मुद्दे का समर्थन किया, इस्राईल के साथ संबंधों को सामान्य बनाने की आलोचना की और मांग की है कि इस्राईल को संयुक्त राष्ट्र संघ से निकाला जाए।

मलेशियाई संसद की एक प्रतिनिधि समिति ने इस्राईल और यूएई के मध्य संबंध स्थापना की आलोचना पर आधारित एक नोट, अमरीकी दूतावास, फिलिस्तीनी दूतावास, संयुक्त राष्ट्र संघ, युरोपीय संघ और आसेआन के कार्यालयों के हवाले किया है। 

इस नोट में  बारह अनुच्छेदों के साथ इस बात पर बल दिया गया है कि मलेशिया की जनता और सरकार, फिलिस्तीनियों के कानूनी अधिकारों की वापसी, उनकी पूर्ण स्वतंंत्रता और स्वाधीनता तक उनका समर्थन करती रहेगी। 

मलेशिया के सांसदों ने अपने पत्र में आसेआन, ओआईसी और अंतरसंसदीय संगठन जैसे क्षेत्रीय संगठनों से मांग की है कि वह एक साथ होकर अमानवीय अपराधों की वजह से इस्राईल की औपचारिक रूप से स्वीकारीयता को समाप्त करें। 

मलेशिया की संसदीय समिति के प्रमुख सैयद इब्राहीम  नूह ने इस बारे में कहा कि विश्व समुदाय से मलेशियाई सांसदों की यह मांग है कि वह इस्राईल को औपचारिक रूप से स्वीकार करने के अपने फैसले को वापस ले। 

उन्होंने बल दिया कि मलेशिया की सरकार और जनता, हर उस क़दम का विरोध करती है जिसकी वजह से इस्राईल को भूमि  ज़ब्त करने, फिलिस्तीनियों के दमन और फिलिस्तीन के बारे में अंतरराष्ट्रीय प्रस्तावों के उल्लंघन जैसे अपराधों पर प्रोत्साहन मिले।