तेहरान: ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि उसके खिलाफ युद्ध दोबारा शुरू हुआ, तो वह व्यापक रणनीति और नई क्षमताओं के साथ क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों तथा संपत्तियों को निशाना बना सकता है। इनमें संचार केबल, डेटा सेंटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी सुविधाएं भी शामिल हैं।
ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव और सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि मोहसिन रजाई ने मीडिया संस्थान ‘ड्रॉप साइट’ को दिए एक विस्तृत साक्षात्कार में यह बात कही। उन्होंने पहले हुए समझौते के विफल होने के कारणों पर चर्चा की और दावा किया कि ईरान ने मध्यस्थों के माध्यम से अमेरिका को सात नई शर्तें सौंपी हैं।
रजाई के मुताबिक, जब तक ईरान की नई शर्तें पूरी नहीं होतीं, तब तक न तो हुर्मुज जलडमरूमध्य खोला जाएगा और न ही ईरान बातचीत की मेज पर लौटेगा। उन्होंने कहा कि पिछले समझौते के अनुभव से सबक लेते हुए इस बार प्रतिबद्धताओं को लागू करने की व्यवस्था समझौते की संरचना में ही शामिल की जाएगी, ताकि उसके क्रियान्वयन की गारंटी सुनिश्चित हो सके।
ईरानी अधिकारी ने ओमान के साथ हुर्मुज जलडमरूमध्य में एक नए समुद्री गलियारे को लेकर सहमति की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय सुरक्षा व्यवस्था के भविष्य को लेकर खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के देशों के साथ भी बातचीत हुई है।
हालांकि, रजाई ने बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य को बंद करने के लिए ईरान और यमन के बीच किसी समन्वय से इनकार किया।
साक्षात्कार में रजाई ने ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमताओं, क्षेत्रीय ऊर्जा ढांचे को लेकर देश की नीति तथा लंबे समय तक युद्ध जारी रहने की स्थिति में ईरान की रणनीतिक सहनशीलता पर भी बात की। उन्होंने हुर्मुज जलडमरूमध्य के प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर भी अपना पक्ष रखा।
ईरान की यह चेतावनी ऐसे समय में सामने आई है, जब क्षेत्रीय सुरक्षा, समुद्री व्यापार और अमेरिका-ईरान संबंधों को लेकर तनाव बना हुआ है। हालांकि, प्रस्तुत रिपोर्ट में सात नई शर्तों का विस्तृत ब्योरा नहीं दिया गया है।
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