इस बीच, अमरीका और पश्चिमी देशों की मीडिया में वेनेज़ुएला द्वारा तेल के भुगतान को लेकर तरह तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।
दोनों देशों पर अमरीका के कड़े आर्थिक प्रतिबंधों के कारण, यह भुगतान डॉलर या यूरो में संभव नहीं है, इसलिए मीडिया में इस तरह की अफ़वाहें गर्दिश कर रही हैं कि वेनेज़ुएला ने ईरान को 9 टन सोना दिया है।
काराकास स्थित ईरानी राजदूत हुज्जतुल्लाह सुल्तानी का कहना है कि अमरीकी अधिकारियों ने मीडिया द्वारा इस तरह की अफ़हावें फैलाई हैं कि काराकास, तेहरान को तेल के बदले 9 टन सोना दे रहा है, हालांकि इस तरह की रिपोर्टें निराधार और 100 प्रतिशत झूठी हैं।
सुल्तानी का कहना है कि प्रतिबंधों के बावजूद, भुगतान के कई दूसरे रास्ते मौजूद हैं, जैसे कि तेल के बदले ज़रूरत की वस्तुओं का आदान प्रदान, जिसमें खाद्य पदार्थ और कॉफ़ी जैसी कई चीज़ें हैं, जिन्हें वेनेज़ुएला तेल के बदले ईरान को निर्यात कर सकता है।
उन्होंने कहाः पश्चिमी मीडिया ईरान और वेनेज़ुएला के ख़िलाफ़ दुष्प्रचार कर रहा है, ताकि दोनों देशों के मुक़ाबले में अमरीका की पराजय से जनमत का ध्यान भटकाया जा सके।
ईरानी राजदूत का कहना था कि ईरान और वेनेज़ुएला के बीच व्यापार से अमरीकी राष्ट्रपति ट्रम्प की अधिकतम दबाव की नीति को भारी झटका लगा है। दोनों ही देशों ने बाक़ी उन सभी देशों के लिए एक मिसाल पेश कर दी है, जो अमरीका के एकपक्षीय प्रतिबंधों का निशाना बन रहे हैं।
सुल्तानी का कहना था कि अब ईरान, वेनेज़ुएला और उनके सहयोगी देशों के लिए अमरीकी प्रतिबंधों का कोई अर्थ नहीं रह गया है।
ग़ौरतलब है कि वेनेज़ुएला की सरकार और जनता ने अमरीकी धमकियों की परवाह नहीं करते हुए वेनेज़ुएला पहुंचने वाले ईरानी तेल टैंकर का स्वागत किया है और इस क़दम के लिए तेहरान का आभार व्यक्त किया है।