25 अप्रैल 2020 - 09:52
कोरोना के ख़िलाफ़ लड़ाई में लंदन ने तेहरान का लोहा माना, कहा ईरान इस लड़ाई में ब्रिटेन से ज़्यादा कामयाब

लंदन के मेयर ने कोरोना वायरस के ख़िलाफ़ जंग में ईरान को ब्रिटेन से ज़्यादा कामयाब माना है।

लंदन के मेयर सादिक़ ख़ान ने ईरान के ख़िलाफ़ वॉशिंग्टन की अन्यायपूर्ण पाबंदियों के बावजूद, कोरोना वायरस पेन्डेमिक को क़ाबू करने में ईरान की कोशिशों की सराहना करते हुए कहा कि इस नज़र से तेहरान, लंदन से ज़्यादा सफल रहा है।

शुक्रवार को लंदन के मेयर ने अपने तेहरानी समकक्ष पीरूज़ हनाची से वीडियो बातचीत में कहा कि लंदन में ज़्यादातर अपनाए गए ज़रूरी उपाय वे हैं जो ईरान में अपनाए गए।

सादिक़ ख़ान ने कहा कि लंदन ने 23 मार्च से क्वारंटीन के कड़े नियम को लागू कर रखा है। लोगों को खाने की चीज़ें ख़रीदने, डॉक्टर को दिखाने, विशेष नौकरी करने और दिन में एक बार खेल के अभ्यास के लिए घर से निकलने की इजाज़त दी गयी है।

सादिक़ ख़ान ने लंदन में पब्लिक ट्रांस्पोर्ट की ओर इशारा करते हुए बल दिया कि अंडर ग्राउंड ट्रांस्पोर्ट सिर्फ़ 5 फ़ीसद मुसाफ़िरों को पहुंचाता है, जबकि 15 फ़ीसद लोग बस का इस्तेमाल करते हैं।

लंदन के मेयर ने नए कोरोना वायरस के इलाज के लिए ब्रिटिश वैज्ञानिकों की कोशिशों के बारे में डिटेल में बताते हुए कहा कि अभी हाल में ऑक्सफ़र्ड यूनिवर्सिटी द्वारा तय्यार की गयी नई वैक्सीन का जल्द ही टेस्ट होगा।

उन्होंने यह भी कहा कि वे ब्रिटिश अधिकारियों से, ईरान को पाबंदियों की वजह से कोरोना वायरस के ख़िलाफ़ लड़ाई में पेश आने वाली मुश्किलों के बारे में बात करेंगे। उन्होंने उम्मीद जतायी कि ये पाबंदियां जल्द से जल्द ख़त्म होंगी।

ग़ौरतलब है कि ईरान सांस को प्रभावित करने वाले कोरोना वायरस कोविड-19 को क़ाबू में करने के लिए पूरी कोशिश कर रहा है, वह भी ऐसी हालत में जब उसे अमरीकी पाबंदियों की वजह से बहुत सी कठिनाइयों का सामना है।

तेहरान बारंबार यह बात कह चुका है कि कोरोना वायरस को क़ाबू करने में उसे वॉशिंग्टन की मदद नहीं चाहिए, बल्कि वह चाहता है कि वाइट हाउस ग़ैन क़ानूनी पाबंदियां उठा ले ताकि ईरान इस पैन्डेमिक को क़ाबू में करने के लिए अपने संसाधनों को इस्तेमाल करे।

ट्रम्प सरकार न सिर्फ़ यह कि हालिया हफ़्तों में ईरान के ख़िलाफ़ कठोर पाबंदियों को हटाने की अपील को अहमियत नहीं दे रही है, बल्कि उसने इस्लामी गणतंत्र के ख़िलाफ़ पाबंदियां ज़्यादा कड़ी कर दी हैं।