25 नवंबर 2019 - 17:05
पेन्स निराश ही अमरीका लौटे, तेहरान-बग़दाद संबंध बिगाड़ने की अमरीका की कोशिश एक बार फिर नाकाम

अमरीका के उपराष्ट्रपति ने पिछले हफ़्ते इराक़ का औचक दौरा किया लेकिन किसी भी इराक़ी अधिकारी ने उनसे मुलाक़ात नहीं की जिससे वाॅशिंग्टन और बग़दाद के संबंधों में पाई जाने वाली गहरी खाई का पता चल गया।

माइक पेन्स शनिवार को एक अघोषित यात्रा पर इराक़ पहुंचे लेकिन उनकी इस यात्रा के दौरान जो ध्यान योग्य बिंदु था वह यह था कि इराक़ के प्रधानमंत्री आदिल अब्दुल महदी या केंद्र सरकार के किसी भी अन्य अधिकारी ने उनसे मुलाक़ात नहीं की। इसके बाद पेन्स इराक़ी कुर्दिस्तान पहुंचे और उन्होंने इस क्षेत्र के प्रमुख नीचेरवान बारेज़ानी से मुलाक़ात की। वैसे पेन्स, पश्चिमी इराक़ में स्थित "ऐनुल असद" सैन्य छावनी भी गए थे, जो अलअम्बार प्रांत में अमरीकी सैनिकों का अड्डा है। कुछ सूत्रों का कहना है कि पेन्स की इराक़ यात्रा का मुख्य उद्देश्य अमरीकी सैनिकों से मुलाक़ात करना था और इस संबंध में बग़दाद सरकार से समन्वय कर लिया गया था। इन सूत्रों का कहना है कि चूंकि यह छावनी बग़दाद के निकट नहीं है और काफ़ी दूरी पर स्थित है इस लिए पेन्स ने इराक़ के प्रधान मंत्री से मुलाक़ात नहीं की बल्कि उनसे केवल टेलीफ़ोन पर बात की।

 

यह ऐसी स्थिति में है कि इराक़ के राष्ट्रपति बरहम सालेह के कार्यालय ने अमरीका के उपराष्ट्रपति की इराक़ यात्रा के बारे में किसी भी पूर्व सूचना से इन्कार किया है। अलबत्ता प्रधानमंत्री आदिल अब्दुल महदी के कार्यालय ने एक बयान जारी करके कहा है कि उन्होंने पेन्स से टेलीफ़ोन पर बात की थी और वार्ता में दोनों पक्षों ने इराक़ के हालात और सरकार द्वारा सुधार के लिए उठाए जाने वाले क़दमों के बारे में विचार-विमर्श किया। इस टेलीफ़ोनी संपर्क में आदिल अब्दुल महदी ने इराक़ की प्रभुसत्ता, स्वाधीनता, सुरक्षा व स्थिरता की स्थापना, सभी जातियों व वर्गों के हितों के समर्थन, हथियार केवल सरकार के पास रहने की ज़रूरत और रणनैतिक समझौते के परिप्रेक्ष्य में दोनों देशों के सहयोग के महत्व पर बल दिया।

 

रोएटर्ज़ ने रिपोर्ट दी है कि पेन्स ने इस टेलीफ़ोनी वार्ता में दावा किया कि अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प संप्रभु इराक़ पर बल देते हैं और इस देश में ईरान के विध्वंसक प्रभाव से चिंतित हैं। अमरीका के उपराष्ट्रपति ने अरबील में बारेज़ानी से मुलाक़ात में भी दावा किया कि वाॅशिंग्टन को उम्मीद है कि कुर्दों से उसके संबंध सुरक्षित रहेंगे। पेन्स की यात्रा के दौरान जो भी बयान प्रत्यक्ष रूप से सामने आए हैं उनसे हटके ऐसा लगता है कि इराक़ी अधिकारियों ने दोनों देशों के संबंधों में पाई जाने वाली कड़वाहट के कारण पेन्स से मुलाक़ात नहीं की क्योंकि अमरीका देख रहा है कि इराक़ का रुझान, ईरान की तरफ़ है। अमरीकी अधिकारियों ने इसी लिए कहा भी है कि पेन्स ने आदिल अब्दुल महदी से कहा है कि वे इराक़ को ईरान से दूर करें और तेहरान से अपने संबंध तोड़ लें। एक इराक़ी अधिकारी का कहना है किअमरीका व इराक़ के बीच जितना फ़ासला इस समय है, उतना कभी नहीं रहा और यह फ़ासला बढ़ता ही जा रहा है। अमरीका शायद इस वजह से भी खिन्न है कि इराक़ की सरकार ने देश में पैदा होने वाले संकट को पीछे छोड़ दिया है और सुधार वाले क़दम उठाने शुरू कर दिए हैं।