5 नवंबर 2019 - 14:41
इस्राईली राजनयिक ने की ईरान-इस्राईल युद्ध की भयानक तस्वीर पेश

अमरीका में पूर्व इस्राईली राजदूत माइकल ओरेन ने चेतावनी देते हुए कहा है कि ईरान और इस्राईल के बीच किसी भी वक़्त युद्ध की चिंगारी भड़क सकती है, जो इस्राईल के लिए विनाशकारी होगा।

सोमवार को द अटलांटिक में प्रकाशित हुए अपने आर्टिकल में ओरेन का कहना थाः इस्राईल ने लेबनान, सीरिया और इराक़ में ईरान के सहयोगियों पर सैकड़ों हमले किए हैं, लेकिन इन हमलों में कोई भी एक ग़लती ईरान को जवाबी कार्यवाही के लिए उकसा सकती थी।

पूर्व इस्राईली राजदूत के अनुसार, ईरान के साथ सीधे युद्ध को लेकर पिछले हफ़्ते इस्राईल के वरिष्ठ मंत्रियों की दो बार बैठक हुई। इस्राईली सेना को अलर्ट पर रखा गया है। इस्राईल ख़ुद को बहुत ही बुरे दौर के लिए तैयार कर रहा है और युद्ध किसी भी समय भड़क सकता है।

ग़ौरतलब है कि इराक़ और सीरिया में आतंकवादी गुटों ख़ास तौर से दाइश की पराजय के बाद से इस्राईली अधिकारी लगातार ईरान के साथ युद्ध की संभावना का भय व्यक्त कर रहे हैं।

इसके अलावा, जून में ईरान द्वारा अमरीका के आधुनिकतम ड्रोन विमान ग्लोबल हॉक को मार गिराने के बाद इस्राईल को ईरान की सही वायु रक्षा शक्ति का अंदाज़ा हुआ और उस पर अमरीकी राष्ट्रपति ट्रम्प के जवाबी कार्यवाही से इनकार ने ज़ख़्मों पर नमक छिड़कने का काम किया और इस्राईल को दिन में तारे नज़र आने लगे।

उसके बाद सितम्बर में सऊदी तेल प्रतिष्ठानों पर सटीक भयानक हवाई हमलों से तो इस्राईलियों की नींद ही उड़ गई और यमन के अंसारुल्लाह आंदोलन द्वारा इन हमलों की ज़िम्मेदारी लेने के बावजूद, इस्राईल और अमरीका ने इन हमलों के लिए ईरान को ज़िम्मेदार ठहराया।

नए दौर में युद्ध की रणनीति को ही बदलकर रख देने वाले इन हमलों के बाद से तो इस्राईली अधिकारी ज़ायोनी शासन के अस्तित्व के अंत तक का भय जताने लगे हैं और ईरान से सीधे युद्ध के लिए ख़ुद को तैयार करने लगे हैं।

हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों ही स्थितियों में इस्राईल का विनाश तय है, इसलिए इस्राईल बुझने वाले चिराग़ की तरह फड़फड़ा रहा है। इस्राईल अगर चुप रहता है तो ईरान और उसके सहयोगियों की दिन ब दिन क्षेत्र में बढ़ती ताक़त एक दिन उसके अंत की दास्तान लिख देगी और वह इतिहास के पन्नों से किसी धब्बे की तरह मिट जाएगा। लेकिन ईरान से युद्ध की स्थिति में भी उसका अंजाम इससे कुछ अलग नहीं होगा, इसलिए कि इस्राईल, ईरान से मुक़ाबले की शक्ति नहीं रखता है, जैसा कि उसके वरिष्ठ अधिकारी और जनरल स्पष्ट रूप से यह सच्चाई स्वीकार कर रहे हैं।

ओरेन का कहना है कि अगर इस्राईल ने क्षेत्र में ईरानी हितों पर हमला करने की कोई ग़लती को तो ईरान जवाबी हमला कर सकता है और उसके क्रूज़ मिसाइल इस्राईली वायु रक्षा प्रणाली को भेदकर किरयाह, तेल-अवीव जैसे लक्ष्यों को नष्ट कर सकते हैं।

इस्राईली पूर्व राजनयिक ने आगे कहाः अगर इस्राईल ने बेरूत स्थित हिज़्बुल्लाह के मुख्यालय को निशाना बनाया तो उस पर मिसाइलों की वर्षा हो जाएगी और प्रतिदिन 4,000 मिसाइल उस पर आकर गिरेंगे।  

बेन गूरियन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हमला एयरपोर्ट को बंद कर देगा और इस्राईल की समस्त बंदरगाहें ठप हो जायेंगी और साइबर हमला उसकी पॉवर ग्रिड को फ़ेल कर देगा।

कुल मिलाकर ओरेन ने इस संभावित युद्ध की ऐसी तस्वीर पेश की है, जिसका अंत इस्राईल के पूर्ण विनाश पर होगा।