हिज़्बुल्लाह के महासचिव सैयद हसन नसरुल्लाह ने कहा कि अरब देशों की ओर से अपनी ज़िम्मेदारियों पर अमल न किए जाने की स्थिति में ज़ायोनी शासन का अवैध अस्तित्व अब तक बाक़ी है।
हि़ज़्बुल्लाह के महासचिव ने मंगलवार की रात दक्षिणी बैरूत में सैयदुश्शोहदा काम्पलेक्स में एक कार्यक्रम में कहा कि आज इस्लामी जगत और क्षेत्र को जिन समस्याओं का सामना है, उनकी ज़िम्मेदार अरब सरकारें और फ़ार्स की खाड़ी के अरब देश हैं।
सैयद हसन नसरुल्लाह ने इसके साथ ही प्रतिरोध के मोर्चे की भी सराहना की जिसने अपनी ज़िम्मेदारियों पर अमल किया और क्षेत्र में दाइश आतंकियों की योजनाओं को विफल बना दिया।