ईज़दी संप्रदाय के मामलों की कमेटी के प्रमुख सालेह हुसैन ने इस बात का उल्लेख करते हुए कि सऊदी अरब, यूएई और जॉर्डन के लोगों ने सीरिया में दाइश से ईज़दी औरतों को भारी रक़म में ख़रीदा है, इराक़ सरकार से बेची गई औरतों की स्वदेश वापसी के लिए कार्यवाही करने की मांग की है।
इससे पहले ईज़दी संप्रदाय के कार्यकर्ता अली अलख़ानसूरी ने बताया था कि दाइश के हाथों आज़ाद हुए ईज़दी मर्द और औरतों की तादाद 3000 है। उन्होंने बताया था कि दाइश सीरिया के दैरूज़्ज़ूर के बाज़ार में ईज़दी औरतों को 10 हज़ार डॉलर में बेचता था।
आतंकवादी गुट दाइश ने 2014 में इराक़ के सिन्जार शहर पर हमला कर ईज़दी संप्रदाय के बहुत से मर्दों की हत्या और उनकी औरतों के साथ यौन दुराचार करने के अलावा उन्हें बंदी बना लिया था।
इनमें से कुछ औरतें इराक़ी सेना और स्वयंसेवी बल हश्दुश्शाबी की कोशिश से दाइश के चंगुल से आज़ाद हुयीं लेकिन अभी भी बड़ी संख्या में ईज़दी औरतें लापता बतायी जाती हैं।