दमिश्क: समाचार एजेंसी अल-अख़बार की रिपोर्ट के मुताबिक, सीरिया के स्वयंभू शासन का एक उच्चस्तरीय सैन्य प्रतिनिधिमंडल हाल ही में सऊदी अरब की राजधानी रियाज़ पहुँचा। वहाँ उसने सऊदी अधिकारियों के साथ बातचीत की।
रिपोर्ट में यमन के खुफिया सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि बातचीत का मुख्य मुद्दा लगभग 10 हज़ार सीरियाई लड़ाकों को यमन युद्ध में शामिल करने की योजना है। बताया जा रहा है कि इन लड़ाकों में बड़ी संख्या विदेशी चरमपंथी लड़ाकों की हो सकती है।
हालाँकि, जोलानी के नेतृत्व वाले सीरियाई शासन ने सऊदी अरब के दक्षिणी इलाक़े में हज़ारों सशस्त्र लड़ाकों को भेजने की योजना से जुड़ी खबरों को खारिज किया है। इसके बावजूद, रिपोर्ट के अनुसार, एक सीरियाई सैन्य सलाहकार दल ने रियाज़ में बातचीत के साथ-साथ सऊदी अरब के नजरान और असीर क्षेत्रों का दौरा भी किया।
रिपोर्ट में कहा गया है कि यमन में सऊदी अरब और उसके सहयोगी बलों को मिली नाकामियों के बाद कुछ अरब देश विदेशी लड़ाकों को भेजकर सऊदी सेना का मनोबल बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। रिपोर्ट का दावा है कि इस कदम का उद्देश्य यमन की सशस्त्र सेनाओं की सफलताओं के प्रभाव को कम करना भी है।
इसी सिलसिले में मिस्र के राष्ट्रपति अब्दुल फत्ताह अल-सीसी की सरकार ने भी सऊदी अरब में अपने सैनिक भेजने की घोषणा की है। इससे पहले पाकिस्तान भी यमन युद्ध में सऊदी अरब की मदद के लिए वहाँ अपने सैनिक भेजने की बात कह चुका है।
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