23 जुलाई 2019 - 17:41
ईरान की रक्षा कोई मज़ाक नहीं, हमारी जवाबी कार्यवाही, चौंकाने की ताक़त रखती है...

ईरान की विदेश संबंध परिषद के प्रमुख कमाल खर्राज़ी ने कहा है कि ईरान ने गत 250 वर्षों के दौरान किसी भी देश पर अतिक्रमण नहीं किया लेकिन अपनी अंखडता व प्रतिष्ठा की रक्षा में हम पूरी तरह से गंभीर हैं।

कमाल खर्राज़ी ने फार्स की खाड़ी में ब्रिटिश जहाज़ को रोके जाने के बारे में कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान ने हमेशा अतिक्रमणकारियों को मुंहतोड़ जवाब दिया है और उसे अपनी राह में पूरी आस्था है और ईरानी राष्ट्र त्याग व बलिदान द्वारा अपने उद्देश्यों की रक्षा करेगा। 

उन्होंने ईरान के खिलाफ अधिक प्रतिबंधों की ब्रिटेन की धमकी के बारे में कहा कि ब्रिटेन ने अब तक ईरान पर कई प्रकार के प्रतिबंध लगाए हैं लेकिन ईरानी राष्ट्र दबाव में आगे बढ़ रहा है। 

इसी मध्य खातमुलअंबिया छावनी के कमांडर ने कहा है कि ईरान के खिलाफ दुश्मन के अतिक्रमण के नुक़सान, उसके फायदे से कई गुना ज़्यादा होगा और ईरान की रक्षा व आक्रमण की क्षमता, दुश्मनों को चौंका देगी और उनके समीकरण बदल देगी। 

जनरल गुलामअली रशीद ने कहा कि ईरान की सशस्त्र सेना द्वारा सही समय पर की जाने वाली कार्यवाही, दुश्मनों को ईरान के खिलाफ अतिक्रमण के नुक़सानों से अवगत कराती है । 

उन्होंने कहा कि यदि ईरान के खिलाफ अतिक्रमण किया गया तो उससे दुश्मन पर जो बोझ पड़ेगा वह उससे हासिल होने वाले फायदा से कई गुना अधिक होगा। 

उन्होंने उम्मीद प्रकट की है कि अमरीकी गतिविधियों की वजह से क्षेत्र के लिए कोई खतरा नहीं पैदा होगा। 

याद रहे आईआरजीसी ने गत शुक्रवार को ब्रिटेन के एक आयॅल टैंकर को पकड़ लिया है।  ब्रिटिश आयॅल टैंकर, स्टीना इम्प्रो ने , नियमों के विपरीत, अपना जीपीएस सिस्टम बंद कर दिया था और  वह हुरमुज़ स्ट्रेट से फार्स की खाड़ी में जाने के मार्ग के बजाए दक्षिण से फार्स की खाड़ी से निकलने के मार्ग से फार्स की खाड़ी में प्रवेश कर रहा था जिसके बाद वार्निंग देकर ईरानी नौसेना के कमांडोज़ ने जहाज़ ज़ब्त कर लिया।