ईरान की परमाणु ऊर्जा संस्था के प्रवक्ता ने तेहरान की ओर से परमाणु समझौते जेसीपीओए के अनुच्छेद 26 और 36 के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं को कम करने का दूसरा क़दम उठने की ओर इशारा करते हुए कहा कि ईरान ने 3.67 फ़ीसद से ज़्यादा स्तर के युरेनियम संवर्धन की प्रक्रिया शुरु कर दी है।
बहरूज़ कमालवंदी ने रविवार को पत्रकारों के बीच इस बात का उल्लेख करते हुए कि तेहरान की ओर से योरोप को उसकी प्रतिबद्धताओं पर अमल के लिए दी गयी 60 दिन की मोहलत ख़त्म हो गयी है, कहा कि ईरान 3.67 फ़ीसद से ज़्यादा स्तर के युरेनियम संवर्धन व उसके भंडारण को बढ़ाने के दूसरे चरण में दाख़िल हो गया है और अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के निरीक्षक सोमवार को इसकी पुष्टि कर सकते हैं।
कमालवंदी ने कहा कि ईरान ने देश की ज़रूरत के लिए जेसीपीओए के अनुच्छेद के आधार पर दूसरा क़दम उठाया है। उन्होंने कहा कि दूसरा क़दम मध्यकालिक होगा जिसमें बिजली घर और अनुसंधानिक रिएक्टर की ज़रूरत की आपूर्ति होगी जबकि दीर्घकाल में प्रोपेल्शन की ज़रूरत की आपूर्ति की जाएगी और इनमें से हर एक के संवर्धन का प्रतिशत अलग होगा।
ईरान की परमाणु ऊर्जा संस्था के प्रवक्ता ने अराक के भारी पानी के रिएक्टर के बारे में कहाः अराक के भारी पानी के रिएक्टर के मुख्य टैंक के पाइप में सिमेंट इस तरह से भरी गयी कि उसे फिर से इस्तेमाल योग्य बनाया जा सके, ईरान के पास ऐसे पाइप के नमूने मौजूद हैं और ज़रूरत पड़ने पर अराक के भारी पानी के रिएक्टर को फिर से चालू करेगा।
कमलावंदी ने इसी तरह आईएईए के निदेशक मंडल की बैठक के आयोजन के लिए अमरीका के निवेदन की ओर इशारा करते हुए कहा कि निदेशक मंडल पर सेफ़गार्ड से जुड़े मामलों की देखरेख की ज़िम्मेदारी है, जबकि ईरान के सामने सेफ़गार्ड और प्रोटोकोल की दृष्टि से संवर्धन के स्तर को 3.67 फ़ीसद से आगे बढ़ाने के मार्ग में कोई रुकावट नहीं है।