पानी की गहराई में रिसर्च का काम करने वाली पनडुब्बी आर्कटिक के क़रीब समुद्र की तह का सर्वे कर रही थी कि उसमें आग लग गई जिसके नतीजे में 14 रूसी नाविकों की मौत हो गई।
क्रेमलिन हाउस में रक्षा मंत्री सर्गेई शुइगो से होने वाले अपात मुलाक़ात में पुतीन ने कहा कि यह नौसेना का और पूरी सेना का बहुत बड़ा नुक़सान है। उन्होंने कहा कि यह आम जलयान नहीं यह वैज्ञानिक अनुसंधान जलयान है और इसका स्टाफ़ हाई प्रोफ़ेशनल लोगों पर आधारित होता है। पुतीन का कहना था कि इस घटना में मारे गए लोगों में सात फ़र्स्ट रैंक आफ़ीसर थे जबकि दो अधिकारी वह थे जिन्हें हीरो आफ़ रशिया जैसा देश का अति प्रतिष्ठित पुरस्कार मिल चुका था।
रूसी रक्षा मंत्री ने मंगलवार को एक बयान में घोषणा की थी कि पहली जुलाई को रिसर्च के दौरान पनडुब्बी में आग लगी और ज़हरीला धुंआं सूंघने के कारण स्टाफ़ के 14 सदस्यों की मौत हो गई।