(ABNA24.com) राष्ट्रपति रूहानी ने बल देकर कहा है कि कभी भी ईरान को दबाव डाल कर मजबूर नहीं किया जा सकता।
डाॅक्टर हसन रूहानी ने सोमवार की शाम जर्मनी के विदेश मंत्री हाइको मास से तेहरान में मुलाक़ात के अवसर पर इस बात की ओर इशारा करते हुए कि परमाणु समझौते से अमरीका के निकल जाने से देशों के आपसी सहयोग और क्षेत्र की सुरक्षा पर नकारात्मक प्रभाव के अलावा और कोई परिणाम नहीं निकला है, कहा है कि ईरान को दबाव डाल कर कभी भी बंद गली में नहीं पहुंचाया जा सकता। उन्होंने कहा कि ईरान की जनता पर दबाव डाल कर और उस पर प्रतिबंध लगा कर कभी भी क्षेत्र की सुरक्षा को सुनिश्चित नहीं बनाया जा सकता और अमरीका, ईरान पर अत्याचारपूर्ण प्रतिबंध लगा कर आर्थिक आतंकवाद के मार्ग पर बढ़ रहा है और ईरान उन लोगों के सामने पूरी तरह से डट जाएगा जो उसकी जनता के लिए दवाओं और खाद्य सामग्री का मार्ग बंद करेंगे।
राष्ट्रपति ने परमाणु समझौते से अमरीका के निकल जाने के कारण ईरान को होने वाली आर्थिक हानि की क्षतिपूर्ति के बारे में पिछले एक साल के दौरान ब्रिटेन, फ़्रान्स और जर्मनी के राष्ट्राध्यक्षों के स्पष्ट वादों की तरफ़ इशारा करते हुए कहा कि अगर यूरोपीय देश इस बात को स्वीकार करते हैं कि परमाणु समझौता, ईरान व यूरोपीय संघ तथा क्षेत्र की शांति, स्थिरता, सुरक्षा व विकास के हित में है तो उन्हें इसे सुरक्षित रखने के लिए यथाशीघ्र व्यवहारिक व गंभीर क़दम उठाना चाहिए। डाॅक्टर हसन रूहानी ने इस दावे को पूरी तरह से निराधार बताते हुए कि ईरान परमाणु हथियार बनाने की कोशिश में है, कहा कि अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी की 15 रिपोर्टें और उनसे भी बढ़ कर परमाणु हथियारों की तैयारी के धार्मिक दृष्टि से हराम होने पर आधारित इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता का फ़त्वा इस बात का प्रमाण है कि ये दावे सही नहीं हैं।
इस मुलाक़ात में जर्मनी के विदेश मंत्री हाइको मास ने भी परमाणु समझौते से एकपक्षीय रूप से अमरीका के बाहर निकलने को ग़लत क़दम बताया और कहा कि ईरान के ख़िलाफ़ अमरीका की नीतियों के संबंध में जर्मनी के अमरीका से बहुत मतभेद हैं और वह इस बात की कोशिश कर रहा है कि अन्य देशों विशेष कर फ़्रान्स व ब्रिटेन के सहयोग से परमाणु समझौते की रक्षा करे। उन्होंने कहा कि अगर कोई ईरान के इतिहास से अवगत हो तो वह यह बात अच्छी तरह जानता होगा कि ईरानी राष्ट्र पर दबाव की नीति से कुछ भी हासिल नहीं किया जा सकता।
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11 जून 2019 - 06:49
समाचार कोड: 949476
राष्ट्रपति रूहानी ने बल देकर कहा है कि कभी भी ईरान को दबाव डाल कर मजबूर नहीं किया जा सकता।