2 जून 2019 - 14:33
क्या वजह है कि जायोनी शासन दिन- प्रतिदिन अपने अंत से निकट होता जा रहा है?

ज़ायोनी शासन ने सीरिया पर जो ताज़ा हमला किया है उसके संबंध में कहा जा सकता है कि नेतेनयाहू ने इस्राईल के अंदर मौजूद स्थिति से आम जनमत का ध्यान हटाने और मौजूद समस्याओं से भागने के लिए किया है।

ज़ायोनी शासन ने रविवार की सुबह दो बार सीरिया की राजधानी दमिश्क के पास और क़ुनैतरा के पूर्वी क्षेत्र पर मिसाइलों से हमला किया जिसे सीरिया की वायु सेना ने विफल बना दिया।

कुनैतरा के पूरब में ज़ायोनी युद्धक विमानों ने जो हमला किया था उसमें सीरिया के तीन सैनिक मारे गये जबकि 7 अन्य घायल भी हो गये। ज़ायोनी शासन के प्रधानमंत्री बिनयामिन नेतेनयाहू ने इन हमलों का औचित्य दर्शाते हुए कहा कि दमिश्क की ओर से गोलान हाइट्स की ओर रोकट फायर किये गये थे परंतु इस बात में कोई संदेह नहीं है कि यह केवल एक दावा है क्योंकि सीरिया की वायुसेना ने केवल उन मिसाइलों के हमलों को विफल बनाया है जिन्हें अतिग्रहित गोलान हाइट्स की ओर से फायर किया गया था और उसने किसी प्रकार के हमले का आरंभ नहीं किया था।

ज़ायोनी शासन ने सीरिया पर जो ताज़ा हमला किया है उसके संबंध में कहा जा सकता है कि नेतेनयाहू ने इस्राईल के अंदर मौजूद स्थिति से आम जनमत का ध्यान हटाने और मौजूद समस्याओं से भागने के लिए किया है।

बिनयामिन नेतेनयाहू को इस समय इस्राईल के अंदर संवेदनशील परिस्थिति का सामना है। बिनयामिन नेतेनयाहू चुनाव के 42 दिन के अंदर भी नेसेट में बहुमत सिद्ध न कर सके और उनकी अगुवाई में बनी सरकार गिर गयी और अब उन्हें मध्यावधि चुनाव कराने की समस्या का सामना है।

इस्राईली समाचार पत्र हारेत्ज़ मंत्रीमंडल के गठन में बिनयामिन को मिलने वाली विफलता के बारे में लिखता है कि नेतेनयाहू का समय बीच चुका है यहां तक कि स्वयं वह इस बात को जानते हैं कि उनकी उल्टी गिनती आरंभ हो गयी है।"

नये मंत्रीमंडल के गठन में मिलने वाली विफलता नेतेनयाहू के सामने केवल महत्वपूर्ण चुनौती नहीं है बल्कि उन्हें दूसरी चुनौतियों का भी सामना है। नेतेनयाहू पर भ्रष्टाचार के कई आरोप भी हैं और उन्होंने काफी प्रयास किया कि नया मंत्रीमंडल गठित होने के बाद इस संबंध में फिर से निर्णय सुनाया जाये।

बहरहाल नेतेनयाहू को जिन चुनौतियों व समस्याओं का सामना है उनमें से एक यह है कि वह दूसरे देशों व स्थानों से पलायन करके अवैध अधिकृत फिलिस्तीन आने वाले यहूदियों से किये गये वादों को व्यवहारिक न कर सके और हालिया सप्ताहों में मंहगाई के खिलाफ कई बार अवैध अधिकृत फ़िलिस्तीन में प्रदर्शन भी हुए हैं और साथ ही इस्राईल से यहूदियों के पलायन की उल्टी गिनती में भी गति आ गयी है जो इस बात की सूचक है कि जायोनी शासन दिन- प्रतिदिन अपने अंत से निकट होता जा रहा है।