8 अक्टूबर 2026 - 19:30
पाकिस्तान ने यमन खिलाफ हमलों में भागीदारी की खबर को फ़र्ज़ी बताया

न्यूयॉर्क टाइम्स ने एक अज्ञात सूत्र के हवाले से दावा किया था कि सऊदी अरब और यमन के अंसारुल्लाह के बीच बढ़ते संघर्ष के बीच पाकिस्तान की वायुसेना के लड़ाकू विमानों को

इस्लामाबाद: पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय ने गुरुवार को उन खबरों को पूरी तरह खारिज कर दिया, जिनमें दावा किया गया था कि पाकिस्तान की वायुसेना के लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल यमन के अंसारुल्लाह के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में किया जा रहा है। मंत्रालय ने इन खबरों को “फर्जी और मनगढ़ंत” बताया है।

इससे पहले अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स ने एक अज्ञात सूत्र के हवाले से दावा किया था कि सऊदी अरब और यमन के अंसारुल्लाह के बीच बढ़ते संघर्ष के बीच पाकिस्तान की वायुसेना के लड़ाकू विमानों को अंसारुल्लाह के खिलाफ अभियान में इस्तेमाल किया जा रहा है।

पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय ने इस खबर को खारिज करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि न्यूयॉर्क टाइम्स की यह रिपोर्ट “फर्जी और मनगढ़ंत” है।

मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया से एक बार फिर अपील की है कि वह “मक्का संयुक्त रक्षा समझौते” के तहत सऊदी अरब में पाकिस्तानी सैन्य बलों की तैनाती को लेकर अटकलें लगाने और ऐसी खबरें प्रकाशित करने से बचे।

मंत्रालय ने कहा, “जरूरत पड़ने पर किसी भी तरह की तैनाती का विवरण संबंधित अधिकारी आधिकारिक रूप से जारी करेंगे।”

इस सप्ताह की शुरुआत में भी पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय ने रॉयटर्स की उस रिपोर्ट को “अटकल” बताया था, जिसमें सऊदी अरब में 30 हजार से 40 हजार पाकिस्तानी सैनिकों की तैनाती का दावा किया गया था।

इन घटनाक्रमों के बीच पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की ने रियाद में मक्का रक्षा गठबंधन की आपात बैठक के दौरान सऊदी अरब में सैन्य बलों और सैन्य क्षमताओं की तेजी से तैनाती पर सहमति जताई थी।

यह रक्षा समझौता 7 अगस्त को हुआ था। इसका उद्देश्य सामूहिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और यह सुनिश्चित करना है कि गठबंधन के किसी एक सदस्य पर हमला होने की स्थिति में उसे सभी सदस्य देशों पर हमला माना जाए।

सोमवार को गठबंधन की बैठक सऊदी अरब के सामने मौजूद सुरक्षा चुनौतियों और क्षेत्र में बढ़ते खतरों पर चर्चा के लिए आयोजित की गई थी।

बैठक के बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा कि सदस्य देशों ने सामूहिक रक्षा प्रतिबद्धताओं को तुरंत लागू करने की प्रक्रिया शुरू करने का फैसला किया है।

बयान के अनुसार, सदस्य देश सहमत सैन्य बलों और क्षमताओं को उपलब्ध कराने तथा उन्हें सऊदी अरब में तेजी से तैनात करने के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे।

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि इससे सदस्य देशों की सैन्य तैयारी, आपसी समन्वय और सामूहिक क्षमता मजबूत होगी, जिससे संभावित खतरों का मुकाबला करने और उन्हें नाकाम करने की क्षमता बढ़ेगी।

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