12 मई 2019 - 14:05
ईरान के ख़िलाफ़ अरबों व अमरीका की नई साज़िश विफल हो कर रहेगीः नूरी मालेकी

इराक़ के पूर्व प्रधानमंत्री ने पूरे क्षेत्र पर अमरीका की ग़ैर क़ानूनी कार्यवाहियों के प्रभावों की ओर से चेतावनी देते हुए कहा है कि ज़ायोनी शासन व कुछ अरब देश चाहते हैं कि अमरीका को ईरान के ख़िलाफ़ एक युद्ध में धकेल दें लेकिन यह साज़िश भी विफल हो कर रहेगी।

नूरी मालेकी ने रविवार को इरना से बात करते हुए अमरीका द्वारा क्षेत्र में सेना उतारने के ग़ैर क़ानूनी क़दम के परिणामों की ओर से सचेत किया। उन्होंने कहा कि अमरीका ने अपने विचार में ईरान को लक्ष्य बनाने के लिए क्षेत्र में हथियार व सैनिक तैनात कर दिए हैं जो कि बहुत ख़तरनाक बात है। उन्होंने कहा कि अमरीका ने अपने इस क़दम से सभी अंतर्राष्ट्रीय क़ानूनों को रौंद दिया है। नूरी मालेकी ने कहा कि अमरीका ने अपने इस क़दम से क्षेत्र को युद्ध के चरण में धकेल दिया है और इसके कुपरिणामों से कोई भी देश सुरक्षित नहीं रहेगा।

 

इराक़ के पूर्व प्रधानमंत्री और इस्लामी हिज़्बुद्दावा के महासचिव ने कहा कि अगर युद्ध छिड़ा तो फिर स्थिति को नियंत्रित करना संभव नहीं होगा। उन्होंने कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान की कुछ क़ानूनी मांगें हैं जिनसे वह पीछे नहीं हटेगा और अंतिम विजय ईरान ही हासिल करेगा। नूरी मालेकी ने कहा कि हम कई बार कह चुके हैं और एक बार फिर कहते हैं कि समस्याओं के समाधान के लिए अमरीका को हथियारों पर भरोसा करने और धमकी देने के बजाए वार्ता करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ईरान व अमरीका के बीच जारी संकट के पीछे ज़ायोनी शासन व कुछ अरब देशों का हाथ है। इराक़ के पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान इससे पहले भी कई बार इस प्रकार की कठिन परिस्थितियों का सामना कर चुका है और उसने उन परिस्थितियों को सफलता से पार किया है और इस बार भी एेसा ही होगा। नूरी मालेकी ने कहा कि स्वाधीन इरादों वाले राष्ट्रों को समुद्री बेड़ों और युद्धक जहाज़ों के माध्यम से पराजित नहीं किया जा सकता और इतिहास में इसके अनेक उदाहरण हैं।