10 मई 2019 - 15:17
उत्तरी कोरिया के मिसाइल परीक्षण का उद्देश्य वाशिंग्टन पर आपत्ति जताना था

दक्षिणी कोरिया के राष्ट्रपति का कहना है कि उत्तरी कोरिया ने अमरीका पर आपत्ति जताने के लिए नया मिसाइल परीक्षण किया है। मून जाए इन ने गुरुवार को उत्तरी कोरिया की ओर से किए गए मिसाइल परीक्षण के बारे में अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि उत्तरी कोरिया का मिसाइल परीक्षण प्युंगयांग के ख़िलाफ़ अमरीका के हालिया द्वेषपूर्ण स्टैंड के विरोध में था।

उन्होंने कहा कि वियतनाम में उत्तरी कोरिया और अमरीका के शिखर सम्मेलन की विफलता से प्युंगयांग काफ़ी नाराज़ है।

वियतनाम में किम जोंग उन तथा डोनल्ड ट्रम्प की वार्ता विफल होने के बाद कोरिया के इलाक़े में तनाव बढ़ गया है और दक्षिणी कोरिया के राष्ट्रपति ने उत्तरी कोरिया के मिसाइल परीक्षण के बारे में जो बयान दिया है उससे ज़ाहिर होता है कि अमरीका का यह घटक देश भी उत्तरी कोरिया से वार्ता के संबंध में अमरीका के रवैए को ग़ैर रचनात्मक मानता है।

यह कहा जा सकता है कि मून जाए इन जिनका विदेश नीति में विशेष ध्यान उत्तरी कोरिया पर केन्द्रित रहा है यह मानते हैं कि उत्तरी कोरिया के साथ वार्ता में अमरीका के रवैए मे सुधार आना ज़रूरी है। दो महीने पहले दक्षिणी कोरिया के राष्ट्रपति के सलाहकार ने भी वाशिंग्टन के रवैए की आलोचना करते हुए कहा था कि अमरीका को चाहिए कि उत्तरी कोरिया के चरणबद्ध निरस्त्रीकरण के बारे में सोचे क्योंकि अमरीका की यह रणनीति कि सब या फिर कुछ नहीं, कोरिया प्रायद्वीप के संकट के समाधान में कोई मदद नहीं करेगी।

इन बयानों से ज़ाहिर है कि दक्षिणी कोरिया को पूरी तरह यक़ीन है कि अमरीका उत्तरी कोरिया से जो मांगें कर रहा है वह पूरी होने वाली नहीं हैं बल्कि इस बात की आशंका है कि इस इलाक़े में वही पुराना तनाव फिर फैल जाएगा और दक्षिणी कोरिया इसे अपने राष्ट्रीय हितों के विपरीत मानता है।