मिस्र के पूर्व राष्ट्रपति मुहम्मद मुर्सी इस समय जेल में हैं। उन पर और उनके अन्य साथियों पर विदेशी गुप्तचर सेवाओं के लिए जासूसी करने के आरोप के साथ साथ पश्चिमी देशों की सरकारों को गिराने के प्रयास के भी आरोप हैं।
मुहम्मद मुर्सी पर यह भी आरोप लगाया गया है कि वह एक नया मध्यपूर्व बनाने और आतंकवादी योजनाओं में भी लिप्त थे।
मिस्र के एटार्नी जनरल के प्रतिनिधि ने अदालत में दावा किया है कि मुर्सी और उनके साथ 23 लोग आईआरजीसी, हमास और हिज़्बुल्लाह के संपर्क में थे।
अदालत ने मुर्सी और मुस्लिम ब्रदरहुड्स के 23 सदस्यों के विरुद्ध मुक़द्दमे की सुनवाई 28 अप्रैल तक स्थगित कर दी है।
यह सुनवाई हमास के लिए जासूसी करने के आरोप के अंतर्गत चलाए जा रहे मुक़द्दमे की थी। 2013 में मुहम्मद मुर्सी का तख़्ता उलटने के बाद मिस्र की सेना और पुलिस ने अब तक मुर्सी के समर्थक 1400 प्रदर्शनकारियों को हताहत और 15000से अधिक को गिरफ़्तार करके जेल में डाल दिया है।