अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में ईरानी प्रतिनिधि मोहसिन मुहिब्बी ने कहा कि इस न्यायालय ने शुक्रवार को अमेरिकी सरकार का आह्वान किया था कि वह 16 मई 2019 तक इस बात की सफाई दे कि उसने कि दवाओं, खाद्य पदार्थों और हवाई उपकरणों से संबंधित ईरान पर जो प्रतिबंध हैं उन्हें हटाने के लिए उसने क्या किया।
इसी प्रकार इस अंतरराष्ट्रीय न्यायालय ने तीन अक्तूबर 2018 को ईरान की ओर से की गयी शिकायत पर सुनवाई की थी और ईरान के हित में फैसला सुनाया था।
अमेरिकी सरकार ने ईरान के साथ होने वाले परमाणु समझौते से निकलने के बाद प्रत्यक्ष रूप से ईरानी जनता को लक्ष्य बना रखा है और दवाओं और खाद्य पदार्थों पर प्रतिबंध तथा मानवता प्रेमी ज़रूरतों को पूरा करने के लिए हवाई, जमीनी और समुद्री रास्तों को बंद करना किसी भी अंतरराष्ट्रीय कानून से मेल नहीं खाता।
अमेरिकी सरकार का रवइया ईरानी राष्ट्र से उसकी दुश्मनी का सूचक है।
ईरानी राष्ट्र गत चालिस वर्षों से अमेरिका द्वारा उत्पन्न की जा रही बाधाओं व समस्याओं का सामना करते हुए आगे बढ़ा रहा है और अब इस्लामी क्रांति बड़े गर्व के साथ पांचवें दशक में दाखिल हो गयी है।
ईरानी जनता और इस्लामी व्यवस्था की समरसता ने ईरान को एक मज़बूत और शक्तिशाली देश में परिवर्तित कर दिया है और दोनों ने एक एक साथ मिलकर हर प्रकार की कठिनाइ व समस्या का मुकाबला किया है और आज भी उन्हें प्रतिबंधों के कारण जिन समस्याओं का सामना है उसे भी सर कर लेंगे।
अमेरिकी सरकार द्वारा प्रतिबंधों का सहारा लेना ईरानी राष्ट्र के मुकाबले में उसकी कमज़ोरी का सूचक है। अमेरिकी सरकार अपने लक्ष्यों तक पहुंचने के लिए किसी भी प्रकार के प्रयास में संकोच से काम नहीं लेती है अगर अपने लक्ष्यों को साधने में उसे विफलता का ही सामना हो तो वह खाद्य पदार्थों और दवाओं के भी प्रतिबंध में संकोच से काम नहीं लेती।
इस प्रकार की परिस्थिति में हर देश को अमेरिकी सरकार के खिलाफ शिकायत करने का अधिकार है और ईरान ने भी अमेरिकी सरकार की शिकायत अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में की है और इस न्यायालय ने भी ईरानी शिकायत की पुष्टि करते हुए अमेरिकी सरकार से इन प्रतिबंधों को समाप्त करने का आह्वान किया और कहा है कि ईरानी जनता के खिलाफ अमेरिका सरकार का प्रतिबंध ग़ैर कानूनी है।