प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक़, 28 वर्षीय आतंकी ब्रेंटन टैरेंट ऑस्ट्रेलियाई नागरिक है, आरोपी को शनिवार को हथकड़ी लगाकर क्राइस्टचर्च की अदालत में पेश किया गया। अदालत में पेशी के समय कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए थे जबकि सुरक्षा के मद्देनज़र सुनवाई बंद कमरे में की गई। मामले की सुनवाई के दौरान एक ग़ुस्साए व्यक्ति ने चाकू लेकर अदालत में घुसने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने उसके घुसने से पहले ही उसको गिरफ़्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार आतंकवादी ब्रेंटन टैरेंट पर फिलहाल हत्या का आरोप लगाया गया है, अन्य आरोप बाद में तै किए जाएंगे।
दूसरी ओर न्यूज़ीलैंड में मस्जिदों पर हुए आतंकी हमले के बाद इस देश की आम जनता ने सड़कों पर निकल कर मुसलमानों और विशेषकर हमले में मारे गए लोगों के परिजनों के साथ अपनी हमदर्दी व्यक्त की और आतंकवाद के ख़िलाफ़ एकजुट होकर मुक़ाबले पर बल दिया। मस्जिद के बाहर बड़ी संख्या में एकत्रित होकर न्यूज़ीलैंड के लोगों ने शुक्रवार को हुए आतंकी हमले में हताहत होने वालों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और फूलों के गुलदस्तों को मस्जिद के द्वार पर रखा।
इस बीच जहां आतंकी यह सोच रहे थे कि मस्जिद पर हमला करके नमाज़ियों को मौत के घाट उतार कर लोगों के दिलों में भय और डर पैदा कर देंगे और लोग मस्जिद में आने से बचेंगे, वहीं हुआ इसके विपरीत क्योंकि शुक्रवार की ही शाम न्यूज़ीलैंड के मुसलमान इससे पहले कि अपने परिजनों, दोस्तों और जानने वालों के अंतिम संस्कार में जाते वे वह उसी मस्जिद के बाहर इकट्ठा हुए और मग़रिब और इशा अर्थात रात की नमाज़ अदा की। जब न्यूज़ीलैंड के मुसलमान मस्जिद के बाहर नमाज़ अदा कर रहे थे उसी समय हज़ारों की संख्या में इस देश के आम लोग वहां मौजूद रहकर अपने देश के मुस्लिम भाइयों के लिए सुरक्षा घेरा बनाए हुए थे।
उल्लेखनीय है कि न्यूज़ीलैंड की मस्जिदों पर आतंकवादी हमला करने वाला आतंकी ब्रेंटन टैरेंट अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प का समर्थक है और उसने आतंकी हमले से पहले ट्रम्प की जमकर तारीफ़ की है।
ज्ञात रहे कि शुक्रवार को न्यूज़ीलैंड के क्राइस्टचर्च शहर में दो मस्जिदों पर एक आतंकवादी ने अंधाधुंध फ़ायरिंग करके हमला किया था जिसमें 50 लोग शहीद हुए और 50 के क़रीब घायल हुए हैं।