समाचारों के अनुसार इस्राईल ने कहा है कि अगर गज़्ज़ा पट्टी में यदि शांति स्थापित नहीं हुई तो वह क़तर की मदद का तीसरा पैकेज़ गज़्ज़ा पट्टी पहुंचने नहीं देगा।
याद रहे ग़ज़्ज़ा पट्टी में गत 30 मार्च से वापसी रैली शुरु है और हर शुक्रवार को फिलिस्तीनी , शरणार्थियों की वापसी अधिकार के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन करते हैं जिसका इस्राईली सैनिक बेरहमी से दमन करते हैं।
30 मार्च से अब तक वापसी मार्च की रैलियों में 255 से अधिक फिलिस्तीनी शहीद हो चुके हैं और 26 हज़ार से अधिक घायल हुए हैं।
गज़्ज़ा पट्टी के लिए क़तर की सहायता, सरकारी कर्मचारियों के वेतन के लिए प्रति माह 15 मिलयन डॅालर और बिजलीघरों के ईंधन के लिए 10 मिलयन डॅालर पर आधारित है जो दिसम्बर से हर महीने गज़्ज़ा पट्टी को दी जाने वाली थी किंतु अब इस्राईल उसे रोक रहा है।
इस्राईल ने सन 2006 से गज़्ज़ा पट्टी का भयानक घेराव कर रखा है जिसकी वजह से यह क्षेत्र दुनिया की सब से बड़ी खुली जेल में बदल चुका है।